पीएम मोदी को गाली देने पर अजय राय पर FIR
पीएम मोदी को अपशब्द कहे जाने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। महोबा में भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य नीरज कुमार रावत ने अजय राय सहित 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
महोबा कोतवाली पुलिस ने वैमनस्य फैलाने, बिना अनुमति के भीड़ जुटाने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, रास्ता बाधित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। दरअसल, अजय राय शुक्रवार को महोबा में पुलिस को चकमा देते हुए कथित गैंगरेप और अपहरण पीड़ित NEET छात्रा से मिलने पहुंचे थे।
मुलाकात के बाद जब अजय राय वापस जाने के लिए अपनी कार में सवार थे, तभी अपने एक कार्यकर्ता से उन्होंने पीएम मोदी, महोबा एसपी शशांक सिंह और उनकी मां को अपशब्द कहे। उनकी यह बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी।
वीडियो सामने आने के बाद राजनैतिक पारा अचानक से चढ़ गया था। भाजपा के शीर्ष नेताओं ने अजय राय और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था। हालांकि, अजय राय ने सफाई देते हुए एआई जनरेटेड वीडियो बताया था। नीरज रावत ने महोबा कोतवाली में दी गई अपनी लिखित शिकायत में यह आरोप लगाया है कि कांग्रेस सचिव ब्रजराज अहिरवार ने बिना प्रशासनिक अनुमति के अजय राय को उनके मोहल्ले में रहने वाले राजकुमार अहिरवार के घर बुलाया। कांग्रेस अध्यक्ष 15-16 गाड़ियों में अपने 25-26 समर्थकों के साथ पहुंचे थे।
काफिले की गाड़ियों को अस्त-व्यस्त तरीके से लगा दिया जिससे आम रास्ता अवरुद्ध हो गया। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए अधिकारियों को अपनी ड्यूटी छोड़कर वहां पहुंचना पड़ा था। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी करते हुए गाली दी गई।
इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। भाजपा नेता ने अभद्र टिप्पणी का वीडियो क्लिप पुलिस को उपलब्ध कराते हुए एफआईआर की मांग की। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने पुलिस ने BNS की धारा 126(2), 132, 189(2), 196(1) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अजय राय ने शुक्रवार को महोबा में गैंगरेप और अपहरण पीड़ित NEET छात्रा से मुलाकात करने के लिए कार्यक्रम बनाया था। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से लेकर महोबा तक कई जगह घेराबंदी की थी।
प्रशासन को गुमराह करने के लिए अजय राय का सिजहरी गांव जाने का प्रोटोकॉल भी जारी किया गया था। हालांकि, पुलिस को चकमा देते हुए वे सीधे महोबा मुख्यालय के समदनगर मोहल्ले में पीड़ित के एक रिश्तेदार के घर पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित और उसके परिवार से मुलाकात की।

