GRP सिपाही ने मुफ्त पानी बोतल न देने पर जड़ा था थप्पड़, ट्रेन के आगे कूदा कैंटीन चालक
बुलंदशहर में जीआरपी को फ्री की पानी की बोतल ना देना एक कैंटीन संचालक के लिए जानलेवा बन गया। सिपाही के सरेआम थप्पड़ मारने से आहत कैंटीन संचालक चलती ट्रेन के आगे बांहें फैलाकर खड़ा हो गया। देखते ही देखते तेज रफ्तार गोरखधाम एक्सप्रेस 2 मिनट में उसे कई टुकड़ों में काटते हुए निकल गई।
इस दौरान आरोपी सिपाही ने ट्रैक पर छलांग लगाते हुए युवक को बचाने का प्रयास किया, पर वेंडर ने उसे धक्का देकर सुसाइड कर लिया। बचाने की कोशिश में जीआरपी सिपाही भी घायल हो गया। सुसाइड का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरे वेंडरों का कहना है– मुफ्त बोतल न देने पर जीआरपी सिपाही ने अपने साथियों के साथ मिलकर सरेआम सारे वेंडरों को धमकी दी थी। सबक सिखाने की बात कही थी। मृतक कैंटीन संचालक अमरदीप सिंह (26) कानपुर का रहने वाला था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना मुख्यालय से 35 किमी दूर गुरुवार रात करीब 11:10 बजे की है। खुर्जा जंक्शन पर प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर चौकी के सामने 3 लोग खड़े होकर बातचीत करते दिखाई दे रहे है। इसी बीच कुछ समय बाद अमरदीप सिंह ट्रेन आता देख ट्रैक पर कूदने के लिए दौड़ता है। वहीं पास खड़ा दूसरा युवक पकड़ने की कोशिश करता है। लेकिन हाथ छुड़ाकर ट्रैक पर कूद जाता है।
इसी दौरान जीआरपी सिपाही सुनील (जिसने थप्पड़ मारा था) भी ट्रैक पर कूद जाता है। वह अमरदीप को ट्रैक से खींचनकर बचाने का प्रयास करता है, लेकिन अमरदीप उसे धक्का दे देता है। फिर ट्रैक पर आ जाता है। तभी तेज रफ्तार ट्रेन अमरदीप के ऊपर से गुजर जाती है और उसकी मौत हो जाती है। ट्रेन जाने के बाद चौकी से निकले जीआरपी के जवानों ने पुलिसकर्मी को उठाया।
सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के तेलियाबर गांव निवासी अमरदीप (26) के रूप में हुई है, जो स्टेशन परिसर में कैंटीन संचालित करता था।
अमरदीप सिंह के कैंटीन के वेंडर सुरेश ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ ट्रेन में पानी बेचकर लौट रहा था। सभी प्लेटफॉर्म पर बैठकर हिसाब-किताब कर रहे थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति वहां आया। उसने कहा कि जीआरपी सिपाही सुनील के लिए पानी की बोतल चाहिए।
सुरेश ने बताया कि अमरदीप मौके पर मौजूद नहीं है। वह पटरी की ओर गया हुआ था। इस पर बुजुर्ग व्यक्ति नाराज होकर गाली-गलौज करते हुए चला गया। बाद में उसने जीआरपी सिपाही से शिकायत की कि वेंडर पानी देने से मना कर रहे हैं।
जीआरपी सिपाही सुनील और अन्य दो-तीन पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। उन्होंने पानी की बोतल नहीं देने को लेकर पूछा। इस पर अमरदीप ने सिपाही से पूछा कि कितनी पानी की बोतल चाहिए, तो सिपाही नाराज हो गया और उसे थप्पड़ मार दिया।
सुरेश ने आरोप लगाया, सुनील सर ने अमरदीप को थप्पड़ मारते हुए कहा कि तुम्हारी औकात दिखाते हैं। इसके बाद दो-तीन पुलिसकर्मियों ने हमें और हमारे साथियों को पकड़कर स्टेशन परिसर के अंदर ले गए।
पीड़ित वेंडर का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने प्लेटफॉर्म पर पानी बेचने वाले अन्य वेंडरों और कैंटीन संचालकों को भी धमकाया। उनके कामकाज पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। इसके बाद भय के कारण कई वेंडर रातभर स्टेशन परिसर से दूर रहे।
सुरेश ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रेलवे स्टेशन पर ट्रैक के पास अमरदीप का शव पड़ा हुआ था, लेकिन पुलिस ने किसी को उसके पास नहीं जाने दिया। उनका आरोप है कि न तो लोगों को वीडियो बनाने की अनुमति दी गई और न ही शव के संबंध में कोई जानकारी दी गई। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने शव को पन्नी में लपेटकर एक वाहन से वहां से हटवाया।
सुरेश ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यह सामान्य हादसा या आत्महत्या नहीं लगती और पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
वहीं, पुलिस सूत्रों और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दो वेंडरों के बीच हुए विवाद के बाद अमरदीप कथित रूप से मानसिक रूप से आहत था। फुटेज में वह प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर आ रही गोरखधाम एक्सप्रेस के सामने जाता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद जीआरपी सिपाही सुनील ने उसे बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

