Dailynews

वाराणसी :  गंगा में नहाते-नहाते युवक ने बीयर पी, FIR दर्ज

काशी में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी के बाद शुक्रवार को बीयर पीने का मामला सामने आया है। अस्सी घाट गंगा में नहा रहे एक युवक ने बीयर पी। फिर केन को मोड़कर गंगा के तट पर फेंक दिया। युवक की इस करतूत को किसी ने अपने कैमरे में कैद कर लिया।

उसे नदी से बाहर अपने पास बुलाया और फटकार लगाई। आरोपी युवक ने माफी मांगी। उसने कहा, गलती हो गई। अब आगे से ऐसा नहीं करूंगा। वीडियो सामने आने के बाद वकील शशांक शेखर त्रिपाठी ने आरोपी युवक के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में युवक पर केस दर्ज किया है।

उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम लगाई गई है। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी युवक बिहार के रोहतास जिले का रहने वाला है।

संतों की कहना है कि यह आस्था का अपमान है। ऐसे लोगों पर कड़ा एक्शन होना चाहिए। वहीं, कांग्रेस ने X पोस्ट में लिखा, योगी जी बताएं। आस्था के केंद्र को हुड़दंगियों का अड्डा बनाने के लिए आपको क्यों न जिम्मेदार ठहराया जाए? काशी के रहने वाले वकील और शिकायकर्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा, मां गंगा हिंदू धर्म में आस्था और पूजा का केंद्र है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सुबह करीब 5 बजे एक युवक गंगा में नहा रहा है। उसके हाथ में बीयर की एक केन है। वह नहाते समय बीयर पी रहा है, यह ठीक नहीं है। गंगा घाटों पर इस तरह का कृत्य करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।

यह वीडियो धार्मिक माहौल को दूषित करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाला है। अगर ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ेगा। कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आरोपी पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए। साथ ही घाटों पर निगरानी बढ़ाएं। वीडियो बनाने वालों ने युवक को पास बुलाया। युवक ने अपना नाम संतोष सिंह बताया। कहा, मैं रोहतास का रहने वाला है। वीडियो में लोगों ने उसे डांटते हुए कहा कि हिंदू होकर भी तुम गंगा में बीयर पी रहे हो। तुम्हें शर्म नहीं आई। युवक ने माफी मांगी। बोला- अब ऐसा नहीं करेगा।

स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन धर्मवलंबियों की आस्था और चेतना का केंद्र हैं। मां गंगा के आंचल में इस तरह का अमर्यादित और अधार्मिक कृत्य कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

यह सनातन संस्कृति और पवित्रता पर सीधा आघात है। ऐसे हुड़दंगियों और आस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि भविष्य में कोई भी पवित्र तीर्थस्थलों की मर्यादा को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस न कर सके।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *