हाथरस : आलू के दाम गिरने से टूटा व्यापारी, जान दी
हाथरस में 30 साल के आलू व्यापारी ने शनिवार सुबह फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक, आलू की कीमतें गिरने की वजह से उसे 22 लाख रुपए का नुकसान हुआ था, जिसके चलते वह काफी समय से परेशान चल रहे थे।
व्यापारी का शव घर से 500 मीटर दूर एक सरकारी नलकूप के पास पेड़ से लटका मिला। मामला सहपऊ थाना क्षेत्र का है। परिजनों के मुताबिक, व्यापारी ने इस सीजन में किसानों से 600 रुपए प्रति कट्टे के हिसाब से चार हजार कट्टे आलू खरीदे थे। खुद भी 10 बीघे खेत में उसने आलू बोए थे।
नगला रमजू गांव निवासी मूलचंद (60) किसान हैं। उनके दो बेटे विष्णु (30) और ब्रह्मदीन (28) हैं। विष्णु खेती-किसानी में पिता का हाथ बंटाता था। उसकी शादी 8 साल पहले सपना (28) से हुई थी, जो मूल रूप से मथुरा के राया क्षेत्र के कसेरा गांव की रहने वाली है। दंपती के दो बच्चे हैं।
शुक्रवार को विष्णु रोज की तरह घर से करीब 500 मीटर दूर खेत की ओर गया था। देर रात तक उसके घर नहीं लौटने पर परिजनों ने सोचा कि वह खेत में लगे नलकूप पर ही सो गया होगा। शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे गांव के एक युवक ने नलकूप के पास पेड़ से उसका शव लटका देखा। इसके बाद उसने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पिता मूलचंद ने शव की पहचान की।
मूलचंद ने बताया कि परिवार के पास कुल 16 बीघे खेती है। इस बार विष्णु ने 10 बीघे खेत में आलू की फसल लगाई थी। साथ ही उसने बड़े स्तर पर आलू का कारोबार करने की योजना बनाई थी। इसके तहत उसने क्षेत्र के किसानों से 600 रुपए प्रति कट्टे के हिसाब से चार हजार कट्टे आलू खरीदे थे, जिन्हें बाजार में बेचना था।
हालांकि, इस बार आलू के दाम गिर गए, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ। मूलचंद के अनुसार, विष्णु को करीब 22 लाख रुपए का घाटा हुआ। आलू की खेती से भी उसे कोई लाभ नहीं मिला। किसानों से खरीदा गया आलू उधार पर लिया गया था और लेनदार लगातार पैसे की मांग कर रहे थे। इसी वजह से वह लंबे समय से तनाव में था।
सीओ सादाबाद जेएन अस्थाना ने बताया कि सुबह एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है।

