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Jabalpur Cruise Tragedy: किस क्रूज में हुआ हादसा, क्या थी पलटने की असली वजह?

मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम के बैकवॉटर (नर्मदा नदी के जलाशय) में गुरुवार की शाम एक बड़ा हादसा हो गया. एक पर्यटन क्रूज अचानक तेज आंधी-तूफान और ऊंची लहरों की वजह से पलट गया. इस घटना में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं. यह हादसा खमरिया टापू के पास हुआ, जहां क्रूज पर्यटकों को घुमाने ले जा रहा था.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे के समय इस क्रूज पर करीब 29 से 43 लोग सवार थे. इनमें पर्यटकों के साथ-साथ कैप्टन और दो क्रू मेंबर भी शामिल थे, जो क्रूज के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

किस क्रूज में हुआ हादसा?

यह क्रूज मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित की जाती थी और बरगी डैम पर चलने वाली प्रमुख क्रूज में से एक थी. साल 2006 में तैयार हुई इस क्रूज को खास तौर पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था. इसकी क्षमता लगभग 60 यात्रियों की थी और इसमें बैठने, घूमने और डैम के खूबसूरत नज़ारों का आनंद लेने की सुविधा दी जाती थी, जिससे यह परिवार और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय रही थी.

हादसे की मुख्य वजह अचानक आई तेज आंधी और तूफान बताई गई है. शाम करीब 5 बजे मौसम अचानक बदल गया और हवा की रफ्तार 60-70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे ऊंची लहरें उठने लगीं. क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह कुछ ही मिनटों में पलटकर डूब गया.

क्रूज बैकवॉटर में लगभग 300 मीटर दूर किनारे से थी. पानी गहरा था (लगभग 20 फीट तक जहाज डूबा हुआ है). कुछ यात्रियों का कहना है कि लाइफ जैकेट हादसा शुरू होने के बाद दी गईं, जिससे घबराहट में कई लोग उन्हें पहन नहीं पाए. कुछ सर्वाइवर्स ने क्रू सदस्यों पर लापरवाही का आरोप भी लगाया है कि उन्होंने मौसम खराब होने पर क्रूज को किनारे नहीं लाया. एक बड़ा सवाल ये भी है कि मौसम विभाग ने हादसे से एक दिन पहले ही तेज हवाओं की चेतावनी दी थी, फिर भी क्रूज रवाना हुई.

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

हादसा होते ही स्थानीय लोगों, नाविकों और प्रशासन ने तुरंत बचाव शुरू कर दिया. SDRF, NDRF और आर्मी की टीमें रात भर काम करती रहीं. अब तक 22-24 लोगों को बचा लिया गया है. गोताखोर डूबी क्रूज के अंदर और आसपास सर्च कर रहे हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की. अभी भी कुछ लोग लापता हैं, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

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