बरेली में बच्चे को बेचने जा रहे किडनैपर्स का एनकाउंटर
बरेली में डेढ़ साल के बच्चे को बेचने जा रहे 2 बदमाशों को पुलिस ने एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। बच्चे को सही सलामत उनके चंगुल से छुड़ा लिया। दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। पुलिस जैसे ही बच्चे को लेकर परिवार के पास पहुंची, मां ने दौड़कर उसे गले लगा लिया। फूट-फूटकर रोने लगी। हाथ जोड़कर पुलिसवालों को धन्यवाद देती रही।
3 दिन पहले (24 मई) बच्चा अपने घर के बाहर से लापता हो गया था। काफी देर तक नहीं लौटा, तो घरवाले पुलिस के पास पहुंचे। CCTV चेक किए गए, तो 2 लोग बच्चे को किडनैप कर ले जाते दिखे। बरेली एसपी (साउथ) अंशिका वर्मा ने टीम बनाकर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। इस बीच, मंगलवार सूचना मिली कि किडनैपर बच्चे को बेचने जा रहे हैं।
पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। देर रात करीब 2 बजे 2 संदिग्ध बाइक से आते दिखे। रुकने का इशारा करने पर यू-टर्न लेकर भागने लगे। उनके साथ बच्चा भी था। पुलिस ने पीछा किया, तो बदमाशों की बाइक फिसल गई। बच्चा बदमाशों से छिटककर सड़क किनारे झाड़ियों में गिर गया। इसी बीच खुद को घिरता देख किडनैपर्स ने फायरिंग कर दी।
पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। फायरिंग के बीच ही दरोगा सोमपाल जान पर खेलकर बच्चे के पास पहुंचे। उसे गोद में उठाकर एनकाउंटर स्पॉट से दूर ले गए। किडनैपर्स की फायरिंग में एक हेड कॉन्स्टेबल कौमिश कुमार भी घायल हुए हैं। किडनैपर्स की पहचान शाहजहांपुर के योगेश कन्नौजिया (28) और बदायूं के पवन सिंह (25) के रूप में हुई है।
इस बीच, एसपी अंशिका वर्मा ने दरोगा से बच्चे को अपनी गोद में ले लिया। काफी देर तक उसे दुलारा। फिर उसे घरवालों को सौंप दिया। मुठभेड़ शहर के मनौना धाम से करीब 15 किलोमीटर दूर फुलासी तिराहे पर हुई।

