खुर्जा : बर्थडे बाॅय जीतू के 10 मिनट की CCTV रिकॉर्डिंग में तीन मर्डर की पूरी कहानी
खुर्जा में तीन दोस्तों का कत्ल करने वाला जीतू सैनी एनकाउंटर में मारा जा चुका है। उसकी मौत के बाद हत्याकांड को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मिस्टर यूपी रनर रहे बॉडी बिल्डर जीतू ने जिम में केक काटा और वहां से चला गया था। फिर दोस्तों के साथ लौटा और करीब 3 मिनट में 50 राउंड फायरिंग की थी। गोली मारकर तीन दोस्तों की जान ले ली।
जीतू सैनी ने 25 अप्रैल को शराब पार्टी मयंक सैनी की पॉटरी फैक्ट्री में रखी थी, जहां एक रील बनाई गई थी। इस रील में बैकग्राउंड म्यूजिक भी यह लगाया गया था कि मारूंगा रे ..मारूंगा … मारूंगा जरूर, तू अपने बचने का जुगाड़ राखियो…
यह सबकुछ सीसीटीवी के डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) में कैद हुआ है, जो पुलिस ने जीतू के पास से बरामद किया था। जीतू हत्या करने के बाद डीवीआर लूट ले गया था।
पुलिस ने डीवीआर मुख्य आरोपी जीतू सैनी के दोस्त मयंक सैनी के पास से बरामद किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रात में जिम के अंदर कुर्सी पर भाजपा सभासद संजय सैनी का भाई मनीष (30), भतीजा आकाश (19) और चचेरा भाई अमरदीप (32) बैठे थे। अमरदीप कैन में कुछ पी रहा था।
इसी दौरान जीतू सैनी, मयंक सैनी, भारत सैनी, रिंकू सैनी, रुपेश सैनी समेत 10 से 12 युवक पहुंचे। जीतू सैनी और उसके दो और साथियों के हाथ में पिस्टल थी, जबकि दो और युवकों के पास तमंचा। जीतू ने जिम के नीचे पिस्टल कॉक की, फिर सड़क की तरफ एक हवाई फायरिंग करते हुए जिम के अंदर घुसा।
अंदर दाखिल होते ही जीतू और अमरदीप आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच करीब 10 सेकंड तक बातचीत हुई। फिर जीतू ने अपनी पिस्टल से अमरदीप पर तीन से चार राउंड फायर किए। फायरिंग होते देख उसका चचेरा भाई मनीष और भतीजा आकाश दोनों अपनी जान बचाने के लिए भागे।
सभी इधर-उधर भागने लगे, और जीतू अंधाधुंध फायरिंग करने लगा। अमरदीप को गोली मारने के बाद जीतू मनीष की ओर बढ़ा। तभी दूसरे आरोपी ने मनीष के सिर में गोली मारी, जब वह गिर गया तो उसके शरीर पर तीन से चार राउंड फायरिंग की। इसके बाद सभी मिलकर अंधाधुंध गोलियां बरसाते हुए आकाश की तरफ बढ़े और उसे भी गोली मार दी।
इस पूरी घटना के दौरान जीतू का दोस्त, रुपेश (जिम संचालक) उसे बार-बार रोकता रहा। कहता रहा- भाई मत मार इनको जाने दे… छोड़ दे। लेकिन जीतू और उसके दोस्त तब तक गोलियां चलाते रहे, जब तक मैगजीन खाली नहीं हो गई। करीब 50 राउंड फायरिंग 3 मिनट में की गई।
इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद जीतू ने रुपेश के सिर पर भी पिस्टल तान दी। उसे भी जान से मारने की धमकी दी और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर खुलवाकर अपने साथ ले गया। उसे पता था कि कत्ल का पूरा वीडियो डीवीआर में कैद हो चुका है। बसपा के पूर्व नगर अध्यक्ष जीतू सैनी का 26 अप्रैल को बर्थडे था। इसके पहले 25 अप्रैल को दो पार्टियां आयोजित हुई थीं। एक जिम में, दूसरी पार्टी मयंक सैनी की पॉटरी फैक्टी में।
अमरदीप सैनी, मनीष सैनी और आकाश सैनी बर्थ-डे केक लेकर रात 9–10 बजे के बीच रुपेश सैनी के RJS फिटनेस जिम पहुंचे। वहां पर ये सभी जीतू सैनी का बर्थडे मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। इधर, जीतू अपने बर्थडे की पार्टी जिम से 300 मीटर दूर अपने दोस्त मयंक सैनी की पॉटरी फैक्ट्री में ही कर रहा था।
अमरदीप ने जीतू को कॉल करके जिम बुलाया। यहां पर केक काटा गया। तभी केक चेहरे पर लगाने को लेकर विवाद हुआ। इसमें जीतू के दोस्त मयंक सैनी और अमरदीप, मनीष और आकाश में तीखी नोंकझोक हुई। यहां से जीतू अपने दोस्तों के साथ फिर मयंक की पॉटरी फैक्ट्री पर चला गया। यहां सभी ने फिर से शराब पी। रात करीब 11 बजे अमरदीप ने मयंक को फोन किया। दोनों में बहस हुई।
अगले दिन यानी 26 अप्रैल को मयंक के घर होने वाली रस्म तेरहवीं के कार्यक्रम को लेकर भी उसने कुछ कह दिया था। यह बात मयंक के फोन पर जीतू भी सुन रहा था, तभी दोनों गुस्से में आग बबूला होकर अन्य साथियों के साथ तीन असलहे लेकर जिम पर पहुंचे और जीतू ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर पहले अमरदीप, फिर मनीष और अंत में आकाश के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। हालांकि केक लगने के विवाद और तीन मर्डर की कहानी के अलावा पुलिस दूसरे एंगल को भी खंगाल रही है।
हत्या के मुख्य आरोपी बर्थडे बॉय जीतू सैनी (30) को घटना के पांच दिन बाद पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। मुठभेड़ में इंस्पेक्टर मो. असलम और हेड कॉन्स्टेबल मोहित मलिक घायल हुए हैं। दोनों को हायर सेंटर में भर्ती करवाया गया है। इसके अलावा, दो सिपाही रामफल और कपिल के बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी।
अमरदीप के पिता सरूप सैनी की तहरीर पर पुलिस ने जीतू सैनी, जीतू का भाई रवि सैनी, मयंक सैनी, मयंक का भाई रिंकू सैनी, नरेश उर्फ देवा, भारत सैनी, मनीष, जिम संचालक रूपा उर्फ रूपेश, अनुज, सौरभ उर्फ सीटू के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की। घटना के बाद डीआईजी कलानिधि नैथानी ने निरीक्षण किया, जिन्होंने आरोपियों की तलाश व मामले की जांच के लिए आठ टीमों का गठन किया।

