News

मुजफ्फरनगर में मां-बेटे के कातिल को फांसी की सजा

मुजफ्फरनगर में मां-बेटे के कातिल को फांसी की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट का यह फैसला 15 साल बाद आया है। सुनवाई के दौरान 9 लोगों की गवाही हुई। बकरीद के दिन आरोपी रईस ने प्रेमिका राजेश देवी और उसके बेटे की हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने दोनों का क्षत-विक्षत शव बरामद किया था। जांच में पता चला कि आरोपी रईस के राजेश देवी से अवैध संबंध थे।

वह साथ रहने का दबाव बना रही थी। आरोपी रईस उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। इसलिए उसने मर्डर की प्लानिंग की। बहाने से महिला को मिलने के लिए बुलाया। वह अपने मासूम बेटे के साथ आरोपी से मिलने पहुंच गई। वहां दोनों में बहस हुई। इसके बाद आरोपी ने ईंट से कूचकर अपनी प्रेमिका और उसके मासूम बेटे की हत्या कर दी और फरार हो गया। मामला चरथावल इलाके का है। मामला साल 2011 का है। सलेमपुर गांव निवासी सुरेश की पत्नी राजेश देवी अपने 6 साल के बेटे हिमांशु के साथ 7 नवंबर 2011 को रुड़की जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन दोनों वापस नहीं लौटे। सुरेश ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उसने पुलिस में दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। 5 दिन बाद 13 नवंबर 2011 को चरथावल क्षेत्र के जंगल में एक महिला और उसके बच्चे का क्षत-विक्षत शव मिला। अगले दिन परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शवों की पहचान राजेश देवी और उसके बेटे हिमांशु के रूप में की। इसके बाद पुलिस मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाई। जांच को तेज किया। परिजनों और घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। जांच में बरेली जिले के थाना बिशारतगंज क्षेत्र के गांव पराबाहुद्दीनपुर निवासी रईस उर्फ जहूर हसन का नाम सामने आया। पता चला कि रईस का राजेश देवी से अवैध संबंध थे। पुलिस ने जांच के बाद 11 दिसंबर 2011 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *