भाजपा नेता को CBI ने 3 लाख रिश्वत लेते पकड़ा
मेरठ में कैंट बोर्ड के नामित सदस्य भाजपा नेता डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने कैंट बोर्ड में पार्किंग ठेका रिन्यू कराने के नाम पर एक ठेकेदार से 3 लाख रुपए की रिश्वत ली। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 29 मई (शुक्रवार) की देर रात पल्लवपुरम स्थित अंसल टाउन में उनके आवास पर छापा मारा।
दरअसल, शनिवार (आज) को कैंट बोर्ड की बैठक होनी थी, जिसमें पार्किंग ठेका रिन्यू करने पर फैसला होना था। ठेके को रिन्यू कराने के नाम पर डॉ. सतीश शर्मा ने ठेकेदार से 9 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच 3 लाख रुपए में सौदा तय हो गया था। लेकिन, ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी थी।
इस पर CBI ने जाल बिछाया। शुक्रवार को सीबीआई टीम का एक सदस्य ठेकेदार के रिश्तेदार के रूप में डॉ. शर्मा के घर पहुंचा था। जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई, पहले से मौजूद सीबीआई अधिकारियों ने डॉ. सतीश को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीमों ने उनके घर की गहन तलाशी ली। इस दौरान 50 लाख रुपए से ज्यादा कैश मिला। साथ ही कई फाइलें और दस्तावेज भी जब्त किए गए। इनमें लेन-देन और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत होने की आशंका जताई जा रही है। डॉ. सतीश शर्मा पेशे से होम्योपैथी डॉक्टर हैं। वह केंद्रीय मंत्रालय की ओर से कैंट बोर्ड के नामित सदस्य हैं। वह चार बार से इसी पद पर बने हैं। कैंट बोर्ड में चुनाव नहीं होने की वजह से उन्हें नामित सभासद के रूप में नियुक्त किया जाता रहा है। डॉ. सतीश मूलरूप से लालकुर्ती इलाके के रहने वाले हैं। वर्तमान में अंसल टाउन में एक आलीशान कोठी में रहते हैं।
शनिवार को होने वाली बैठक में राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेई और सांसद अरुण गोविल समेत कैंट बोर्ड के अधिकारी और सदस्य शामिल होने वाले थे। इस दौरान यहां पर पार्किंग ठेका, कैंटीन का रिन्यू समेत कई मुद्दों पर चर्चा होनी थी।
आरोप है कि बैठक से पहले डॉ. सतीश शर्मा ने बालाजी कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार विक्की से गांधीबाग समेत कई पार्किंग के ठेकों का रिन्यूअल कराने के बदले 9 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद दोनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई और आखिरकार 3 लाख रुपए में सौदा तय हो गया था।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने डॉ. सतीश शर्मा को रंगे हाथ पकड़ने के लिए पूरी रणनीति तैयार की। शुक्रवार देर शाम जब ठेकेदार विक्की रिश्वत की रकम लेकर अंसल टाउन स्थित आवास पर पहुंचा, तब उसके साथ सीबीआई का एक सदस्य रिश्तेदार बनकर मौजूद था।
जैसे ही डॉ. शर्मा ने कथित रूप से रिश्वत की रकम हाथ में पकड़ी, सीबीआई टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद बाहर तैनात अन्य अधिकारी भी घर के अंदर पहुंच गए।

