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बाराबंकी में कारोबारी के घर एक करोड़ की डकैती

बाराबंकी में बंदूक की नोक पर नकाबपोश डकैतों ने शुक्रवार तड़के 3 बजे किराना व्यापारी के घर से 1.02 करोड़ लूट लिए। 7 बदमाश दो मंजिला घर के पिछले दरवाजे को तोड़कर घुसे। सो रहे लोगों को उठाया। उन्हें पीटा। उन पर बंदूक तान दी। हाथ-पैर रस्सी से बांधकर मुंह पर टेप लगा दिया। कहा- अगर किसी ने कुछ करने की कोशिश की तो गोली मारकर ढेर कर देंगे।

घर में मौजूद छोटे बच्चे (व्यापारी के नाती) जब डरकर रोने लगे तो डकैतों ने उन्हें भी बेरहमी से पीटा। उनकी मां को कहा- इन्हें दूध पिलाकर चुप कराओ, वरना गोली मार देंगे। इसके बाद व्यापारी के इकलौते बेटे के सिर पर तमंचा रखकर कहा- चुप रहना नहीं तो पूरे परिवार को मारकर दफन कर देंगे।

डकैतों ने करीब एक घंटे तक घर के हर कमरे को खंगाला। 12 लाख रुपए कैश और 90 लाख रुपए के गहने लेकर फरार हो गए। किसी तरह व्यापारी के परिवार ने रस्सी खोलकर पुलिस को सूचना दी। मौक पर SP, ASP, CO पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। डकैतों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की। मामला देवा थाना क्षेत्र का है। ग्वारी गांव में किराना कारोबारी आलोक जायसवाल (52) का मकान है। ग्राउंड फ्लोर पर किराने की थोक दुकान और गोदाम है। ऊपर की मंजिल पर अपनी मां नंदिनी जायसवाल (74), पत्नी नीलम (45), बेटे हिमांशु (28) और बहू नेहा उर्फ प्रियंका (25) के साथ रहते हैं। उनकी दो बेटियां सोनाली (29) और देवांशी (26) भी हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। दोनों अपने बच्चों के साथ 3 दिन पहले ही गर्मी की छुट्टियों में मायके आई थीं। आलोक के साले के बेटी आराधना जायसवाल (7) भी घर आई हुई थी।

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात परिवार खाना खाकर सो गए। शुक्रवार तड़के डकैतों ने घर पर धावा बोला। डकैतों ने हर कमरे में सो रहे लोगों जगाया। हर कमरे में एक डकैत गन तानकर बैठ गया। सोनाली और देवांशी के बच्चों के सिर पर बंदूक की नोक रख दी। परिवार डर गया। बच्चों की जान की परवाह में सभी चुप रहे।

इसके बाद आलोक के इकलौते बेटे हिमांशु पर बंदूक तान दी। आलोक से कहा- चुपचाप हमारे साथ चलो। घर में जहां भी गहने और रुपए रखे हैं, दिखाओ। डर के मारे आलोक डकैतों को सभी कमरों में ले गए। 1 घंटे तक डकैतों ने अलमारियों और लॉकरों को खंगाला। रुपए और जेवरात समेटे। फिर भाग निकले। आलोक ने बताया- चार बदमाशों को मैंने देखा था, दो के हाथ में पिस्टल थी। मेरे और मेरी मम्मी के सिर पर पिस्टल लगा दी थी। बाकी 3 दूसरे कमरों में थे। 1 लाख रुपए मैं अपने ससुराल में घर बनवाने के लिए लाया था। मेरी शादी, मम्मी की शादी और बहन के जितने गहने थे, सब ले गए। मेरे यहां साले की लड़की भी आई थी। वह एक छोटे कमरे में अकेले सो रही थी। डकैतों को उसका पता नहीं चला। इसलिए वो उस तक नहीं पहुंच पाए। उनके जाने के बाइ हमने उसे उठाया तो उसने सभी की रस्सियां खोलीं।

आलोक ने बताया- डकैतों के जाने के बाद परिवार इतना डरा हुआ था कि उन्हें खुद को संभालने में एक घंटे लग गए। बाद में हिम्मत करके पड़ोसियों को आवाज लगाई। जब पड़ोसी पहुंचे तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। SP, ASP, CO ने स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

बेटी देवांशी जायसवाल ने बताया- बदमाश असलहा लेकर कमरे में पहुंचे। मेरे छोटे बेटे शिवम के हाथ में भी चोट आई है। बड़े बेटे को भी बहुत मारा। बहन सोनाली के मुंह पर टेप लगाने की कोशिश की। उसने विरोध किया तो उसे बहुत मारा। उसके बेटे को भी मारा। बदमाशों ने मेरे भाई हिमांशु को भी बहुत पीटा।

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