मेरठ में सफाई कर्मचारी संघ ने नगर निगम में प्रदर्शन कर ठेका प्रथा खत्म करने समेत अन्य मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
मेरठ में सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ ने सोमवार को नगर निगम परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन ने नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन, सफाई कर्मचारियों की भर्ती और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
संघ के अध्यक्ष विनेश मनोटिया और महामंत्री कृष्ण गोपाल वैद ने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुपात में सफाई कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। संगठन के अनुसार नगर निगम में करीब 2415 आउटसोर्सिंग और 425 स्थायी सफाई कर्मचारी हैं। उनका दावा है कि सरकारी मानकों के अनुसार शहर में करीब 8400 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में करीब 2840 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में करीब 5560 सफाई कर्मचारियों की तत्काल भर्ती की मांग की गई।
संगठन ने लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के स्थायीकरण की भी मांग उठाई। पदाधिकारियों का कहना है कि 3 फरवरी 1992 के बाद कर्मचारियों का स्थायीकरण नहीं हुआ है। 20 से 30 वर्षों से कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग की गई।
इसके अलावा संघ ने सफाई कार्य में ठेकेदारी का विरोध करते हुए 20 जून 2023 को बोर्ड से पारित ठेकेदारी समाप्त करने के प्रस्ताव को लागू करने की मांग की। ज्ञापन में वाल्मीकि समाज की जमीन खसरा नंबर 2104 को कब्जामुक्त कर समाज को वापस दिलाने तथा हापुड़ अड्डे का नाम शहीद मातादीन वाल्मीकि चौराहा कर उसका सौंदर्यीकरण कराने की मांग भी शामिल रही।
संगठन के अध्यक्ष विनकश मनोठिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि दी कि मांगों पर वार्ता कर समाधान नहीं हुआ तो धरना, भूख हड़ताल और काम बंद हड़ताल जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

