चीनी 65 रुपये प्रति किलो पहुंची
बुलंदशहर में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले चीनी के दामों में भारी उछाल आया है। महज आठ दिनों में चीनी की कीमत 42 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जिससे आम जनता का रसोई बजट प्रभावित हुआ है।
चीनी के साथ-साथ अन्य खाद्य सामग्रियों के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिफाइंड तेल की 750 ग्राम की थैली लगभग 150 रुपये में मिल रही है, जिससे एक किलोग्राम की कीमत करीब 200 रुपये हो गई है। इसी तरह, सरसों का तेल भी लगभग 200 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है। मिर्च, धनिया, जीरा और हल्दी जैसे प्रमुख मसालों की कीमतों में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इस मूल्य वृद्धि से त्योहारों के दौरान घरों में बनने वाले पकवानों और मिठाइयों की लागत बढ़ गई है। स्थानीय व्यापारियों और मिष्ठान विक्रेताओं को भी नुकसान की आशंका है। उन्होंने महंगे दामों पर स्टॉक खरीदा है, और यदि कीमतें अचानक गिरती हैं तो उन्हें घाटा उठाना पड़ सकता है। चीनी महंगी होने के कारण इस बार मिठाइयों के दाम भी बढ़ने की संभावना है।
इस महंगाई का सीधा असर मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। कई गरीब ग्राहक बाजार से बिना सामान खरीदे वापस लौटने को मजबूर हैं।

