नोएडा के सेक्टर 80, 70 और 121 में फिर किसने भड़काई हिंसा? Cleo County के बाहर पथराव
नोएडा : नोएडा में मंगलवार सुबह फिर फैक्ट्री श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन अचानक तेज हो गया. सेक्टर-70, 80 और 120 में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिससे कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आमना-सामना हो गया. हालात उस वक्त बिगड़ गए जब कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. जवाब में पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की. Cleo County सोसायटी के पास एक बस पर पथराव की भी सूचना सामने आई है. फिलहाल माहौल तनावपूर्ण जरूर रहा, लेकिन पुलिस लगातार लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने में जुटी रही. उधर, मामले को लेकर गठित हाईपावर कमेटी आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है.
नोएडा मजदूर प्रदर्शन के 14 अप्रैल के ताजा हालात जानें
पुलिस ने आज के प्रोटेस्ट को लेकर साफ किया है कि हालात पूरी तरह सामान्य हैं. पूरे जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल व वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है. पुलिस का कहना है कि क्लियो काउंटी, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-121 और सेक्टर-70 से जुड़ा यह मामला एक ही घटना से संबंधित है, जहां घरेलू सहायिकाओं ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और क्षेत्र में शांति बहाल कर दी गई है.
नोएडा में हुए घटनाक्रम को लेकर राजीव कृष्ण ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया जा चुका है और कमेटी ने सभी हितधारकों से बातचीत भी की है. जांच के दौरान कुछ ऐसे लोगों की पहचान हुई है जिन्होंने श्रमिकों को भड़काने का काम किया. डीजीपी के मुताबिक इन लोगों के खिलाफ पुलिस के पास इलेक्ट्रॉनिक सबूत मौजूद हैं और उसी आधार पर सख्त कार्रवाई की जा रही है. डीजीपी ने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी भड़काऊ तत्व के बहकावे में न आएं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए सतर्क रहें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें.
लखनऊ स्थित यूपी पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम में नोएडा के हालातों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. इस दौरान एसीएस होम संजय प्रसाद कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां राजीव कृष्ण और अमिताभ यश भी मौजूद हैं. तीनों वरिष्ठ अधिकारी यहीं से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और मौके पर तैनात टीमों को लगातार जरूरी दिशा-निर्देश दे रहे हैं, ताकि नोएडा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे.
1 अप्रैल 2026 को हरियाणा ने न्यूनतम मज़दूरी में 35 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की. एक अकुशल मज़दूर के लिए, मासिक वेतन लगभग 11,200 रुपये से बढ़कर 15,200 रुपये से ज़्यादा हो गया. अर्ध-कुशल और कुशल श्रेणियों के मज़दूरों को भी इसी तरह का फ़ायदा मिला. कागज़ों पर, यह एक कल्याणकारी कदम था, जो श्रम संहिताओं के अनुरूप था और जिसका मकसद बढ़ती महंगाई से मज़दूरों को राहत देना था. लेकिन उन आपस में जुड़े औद्योगिक क्लस्टरों में, जहां राज्यों की सीमाएं एक-दूसरे से मिलती हैं, यह फैसला वहां तक नहीं पहुंचा. वहां मजदूरों को इसका लाभ नहीं मिला. लिहाजा कहा जा रहा है कि इस पैमाने को सही मानते हुए ही नोएडा में श्रमिक भड़क उठे और अपने लिए ये मांग कर डाली और प्रदर्शन हुआ.
नोएडा में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए नकाबपोश युवकों की तलाश शुरू कर दी है. जांच में सामने आया है कि श्रमिकों की भीड़ की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे, जो चेहरा ढककर सड़कों पर हंगामा, तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे थे. पुलिस के हाथ लगे कई वीडियो में ऐसे युवक साफ दिखाई दे रहे हैं, जिसके आधार पर उनकी पहचान की जा रही है और लगातार दबिश दी जा रही है. शुरुआती इनपुट में ट्रेंड युवाओं की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और जांच का दायरा कई राज्यों तक बढ़ाया गया है. इसके साथ ही पुलिस को कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स की जानकारी मिली है, जो हिंसा से तीन दिन पहले से सक्रिय थे, साथ ही एक संदिग्ध ऑडियो क्लिप भी जांच के दायरे में है. पुलिस पूरे मामले को संगठित साजिश के एंगल से देखते हुए हर पहलू की गहन जांच कर रही है.
नोएडा में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए नकाबपोश युवकों की तलाश शुरू कर दी है. जांच में सामने आया है कि श्रमिकों की भीड़ की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे, जो चेहरा ढककर सड़कों पर हंगामा, तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे थे. पुलिस के हाथ लगे कई वीडियो में ऐसे युवक साफ दिखाई दे रहे हैं, जिसके आधार पर उनकी पहचान की जा रही है और लगातार दबिश दी जा रही है. शुरुआती इनपुट में ट्रेंड युवाओं की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और जांच का दायरा कई राज्यों तक बढ़ाया गया है. इसके साथ ही पुलिस को कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स की जानकारी मिली है, जो हिंसा से तीन दिन पहले से सक्रिय थे, साथ ही एक संदिग्ध ऑडियो क्लिप भी जांच के दायरे में है. पुलिस पूरे मामले को संगठित साजिश के एंगल से देखते हुए हर पहलू की गहन जांच कर रही है.

