87 फर्जी लोन ऐप्स बैन- सरकार की सख्त कार्रवाई, क्यों लिया गया यह कदम?
- दिल्ली/ । भारत सरकार ने डिजिटल फ्रॉड और डेटा मिज़यूज पर कड़ा कदम उठाते हुए 87 अवैध लोन देने वाली ऐप्स को बैन कर दिया है। यह कार्रवाई आईटी एक्ट 2020 के सेक्शन 69A के तहत की गई है। इस फैसले की जानकारी लोकसभा में कॉर्पोरेट अफेयर्स के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने दी। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई जनता की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी थी।
- क्यों लिया गया यह कदम?
- पिछले कुछ महीनों में देशभर से बड़ी संख्या में शिकायतें मिली थीं कि ये ऐप्स यूजर्स की निजी जानकारी चोरी कर उन्हें ब्लैकमेल, डराने और परेशान करने में इस्तेमाल कर रही थीं। कई मामलों में लोगों की फैमिली, सोशल मीडिया और ऑफिस के कॉन्टैक्ट्स पर कॉल और मैसेज भेजकर उन्हें बदनाम करने तक की कोशिश की गई। इस डिजिटल उत्पीड़न ने कई यूजर्स को मानसिक तनाव और आत्महत्या जैसे गंभीर कदमों तक धकेला।
- सरकार का बयान
- सरकार ने साफ किया कि जब कानून और यूजर प्राइवेसी का उल्लंघन होता है, तो कार्रवाई अनिवार्य है। मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखना है। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में लिया गया है।
- कैसे काम करती थीं ये फर्जी ऐप्स?
- इनमें से कई ऐप्स 25% तक मासिक ब्याज वसूल रही थीं, जो किसी भी वित्तीय मानक के अनुसार अवैध है। भुगतान देरी होने पर हर घंटे पेनल्टी जुड़ती थी और फिर डेटा लीक और ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हो जाता था। कई ऐप्स बार-बार बैन होने के बावजूद नए नामों और फर्जी कंपनियों के साथ वापस ऐप स्टोर में आ जाती थीं।
- अब आगे क्या होगा?
- इन ऐप्स के ऑपरेशन पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इन्हें Google Play Store और Apple App Store से हटाया जा रहा है। नए यूजर्स इन्हें डाउनलोड नहीं कर पाएंगे, और डेवलपर्स को दोबारा ऐप जारी करने के लिए कानूनी अनुमति और सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
- यूजर के लिए चेतावनी
- सरकार ने जनता से अपील की है कि लोन हमेशा सिर्फ:
- • RBI-approved बैंक
- • NBFC (Non-Banking Financial Company)
- • या सर्टिफाइड प्लेटफॉर्म्स
- से ही लें। कोई भी ऐप अगर बिना डॉक्युमेंट और चेकिंग के तुरंत लोन देने का वादा करती है, तो वह खतरा हो सकती है।सरकार का यह फैसला हजारों निर्दोष यूजर्स के लिए राहत की खबर है। यह कदम न सिर्फ डिजिटल फ्रॉड को रोकने में मदद करेगा, बल्कि आने वाले समय में ऑनलाइन लोन सिस्टम को और सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगा।

