Crime News

गोरखपुर : जेल में बंद BSA पति को देख फूट-फूटकर रोई

गोरखपुर में टीचर कृष्णमोहन सिंह सुसाइड केस में सस्पेंडेड बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव जेल पहुंचने के बाद गुमशुम नजर आई। महिला बैरक में पहुंचने के बाद बुधवार को शालिनी काफी तनाव में दिखी। देर रात तक चुपचाप बैठी रही। किसी से बातचीत नहीं की।

3 दिन से वह महिला बैरक में गुमसुम ही दिख रही है। एकटक दीवारों को देखती रहती है। जब उसे खाना दिया जाता है तो कुछ देर वह दूर रहती है। फिर थोड़ी देर बाद खाना खाती है।

इस बीच, गुरुवार यानी 18 जून को दिन में जब पति सौरभ कुमार सिन्हा जेल पहुंचे तो उन्हें देखकर फूट-फूटकर रोई। उन्होंने शालिनी को कुछ कपड़े और रोजमर्रा की जरूरी चीजें दीं। सूत्रों के मुताबिक, मुलाकात के समय परिवार भावुक नजर आया।

गुलरिहा पुलिस ने 16 जून को उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था। ट्रांजिट रिमांड पर बुधवार (17 जून) सुबह गोरखपुर लाए जाने के बाद उससे पूछताछ की गई। फिर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे जिला जेल भेज दिया। जेल प्रशासन कहना है कि मामला हाईप्रोफाइल है। इसलिए शालिनी श्रीवास्तव की निगरानी की जा रही है। उसकी हर एक्टिविटी पर करीब से नजर रखी जा रही है। पूरा मामला कुशीनगर के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग गांव निवासी सहायक अध्यापक कृष्णमोहन सिंह से जुड़ा है। वह गौरीबाजार विकासखंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में तैनात थे। गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में रहते थे। 20 फरवरी 2026 की रात कृष्णमोहन सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी मौत के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया था।

आत्महत्या से पहले कृष्णमोहन सिंह ने चार पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो संदेश छोड़ा था। इसमें उन्होंने तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए कार्यालय के पटल सहायक संजीव सिंह और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे।

शिक्षक ने आरोप लगाया था कि उनके प्रकरण के निस्तारण के लिए प्रति शिक्षक 16 लाख रुपए लिए गए और बाद में चार लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की जाने लगी। उन्होंने मानसिक प्रताड़ना और भ्रष्टाचार को आत्महत्या का कारण बताया था। मृतक शिक्षक की पत्नी की शिकायत पर गोरखपुर के गुलरिहा थाने में शालिनी श्रीवास्तव, पटल सहायक संजीव सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *