Religion

तिजोरी में बरकत के लिए रखते हैं ये वाले नोट, तो लगेगा ऐसा घनघोर पाप

Indian Currency Facts: यदि आपने भी अपनी बरकत के लिए ये वाले नोटों को अपनी तिजोरी में रख रखा है और लक्ष्‍मी मानकर उनकी पूजा करते हैं, तो जरा ठहर जाइए. आप इन नोटों की पूजा कर कोई पुण्य नहीं, बल्कि अनजाने में एक ऐसा महापाप कर रहे हैं, जिसकी सच्चाई जानकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी. इस महापाप को धुलने के लिए आप 100 बार गंगा में डुबकी भी लगा लेंगे, लेकिन तब भी आपका यह कलंक नहीं धुलेगा. जी हां, यह बात 100 फीसदी पक्‍की और पूरी तरह से सच है.

दरअसल, भारत में धन के तौर पर जो भी चीज मौजूद है, उसे हम लक्ष्‍मी मां का प्रतीक मानते हैं. इनमें करेंसी नोट्स भी शामिल हैं. कई बार आपके हाथ से कोई नोट छूटा होगा तो आपने उसे जमीन से उठाकर माथे से लगा लिया होगा. क्‍योंकि आप भी करेंसी नोट्स को मां लक्ष्‍मी का स्‍वरूप मानते हैं. लेकिन आपको यह पता चल जाए कि नोट्स को बनाने में मरे हुआ जानवरों के मांस, खून और चर्बी का इस्‍तेमाल किया गया है, तो समझ लीजिए आपकी धार्मिक भावनाओं का क्‍या होगा?

तो चलिए अब आपको विस्‍तार से बताते हैं करेंसी नोट्स में ऐसी कौन-कौन सी चीजें हैं जो आपको महापाप में डाल सकते हैं. वहीं इस सवाल का जवाब भी देते हैं कि क्‍या भारतीय नोट्स में भी मरे हुआ जानवरों के मांस, खून और चर्बी का इस्‍तेमाल होता है.

  1. इन नोटों में है गाय की चर्बी: ब्रिटेन के बैंक ऑफ इंग्‍लैंड, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के प्लास्टिक (पॉलिमर) नोट प्रचलन में है. एटीएम मशीन में नोट फंसे नहीं, इसके लिए इन्‍हें चिकना बनाया जाता है. इन नोटों को चिकना बनाने के लिए ‘टैलो’ का इस्‍तेमाल किया जाता है और ‘टैलो’ को बनाने में गाय और भेड़ की चर्बी का इस्‍तेमाल होता है.
  2. इंग्‍लैंड में पहली बार सामने आया मामला: 2016 में जब ब्रिटेन ने £5 का नोट जारी किया, तो उसमें जानवरों की चर्बी की पुष्टि हुई. इसके बाद दुनियाभर के हिंदुओं और शाकाहारियों ने इसे आस्था पर प्रहार बताया था. जब बैंक ऑफ इंग्लैंड से चर्बी हटाने की मांग की गई, तो उन्होंने पाम ऑयल को ‘महंगा’ बताकर मना कर दिया. यानी चंद पैसों के लिए वे आज भी नोटों में मरे हुए जानवरों के अंश मिला रहे हैं.
  3. ‘गंगा’ जैसा पवित्र है भारतीय रुपया: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने साफ किया है कि भारतीय नोटों में रत्‍ती मात्र भी एनिमल प्रोडक्‍ट नहीं है. हमारे नोट पूरी तरह से शुद्ध हैं. भारतीय नोट साधारण लकड़ी के लुगदी से नहीं, बल्कि 100% कॉटन फाइबर से बनते हैं. यही कारण है कि ये पसीने और पानी में भी नहीं गलते और पूरी तरह सात्विक हैं.
  4. पूजा घर से निकालें विदेशी नोट: अगर आप अनजाने में ऐसे पॉलिमर नोटों की पूजा कर रहे हैं जिनको गाय सहित दूसरे पशुओं की चर्बी से बनाया गया, तो आपकी आपकी धार्मिक भावना और शुद्धता भंग हो सकती है. वहीं, आपके हाथ में भारतीय रुपया है, आप पूरी तरह से निश्चिंत रह सकते हैं. लेकिन विदेशी प्लास्टिक करेंसी को छूने के बाद हाथ धोना और उन्हें मंदिर से दूर रखने में ही समझदारी है.
  5. मजबूती में भी नंबर 1: भारतीय करेंसी नोट्स को टिकाऊ और सुरक्षित बनाने के लिए कॉटन के साथ जिलेटिन और लिनन का इस्‍तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि पसीने में भीगने और पानी में धुलने के बावजूद भारतीय नोट्स गलते नहीं है. वहीं धार्मिक शुद्धता के तौर पर भी पूरी तरह से सुरक्षित हैं.
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