नेपाल बाढ़ में 289 शव बरामद, 1500 की तलाश:288 भारतीय लापता
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ के बाद अब तक 289 शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं करीब 1,500 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में नेपाल के साथ बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल में लापता लोगों की तलाश के लिए सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर और दूसरे साधनों से सुरक्षित जगह पहुंचाया जा रहा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करते हैं।
वहीं, बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है। इनमें से 11 लोगों की पहचान हो चुकी है। बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था।
लेकिन बाद में पता चला कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है।
बाद में USGS ने भी स्पष्ट किया कि 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा यह झटका लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुआ था। नेपाल के त्रिशूली इलाके में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है।
प्रभावित इलाकों, खासकर रसुवा तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए गुरुवार को काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निजी हेलिकॉप्टरों की 40 से ज्यादा चार्टर्ड उड़ानें रवाना हुईं। नेपाल में रसुवा की बाढ़ के बाद 289 शव बरामद हो चुके हैं, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित रखने की चुनौती है। चितवन की स्वास्थ्य सुविधाओं में करीब 50 शव रखने की क्षमता ही बताई गई है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बड़े रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों में अस्थायी शवगृह बनाए जा सकते हैं। हर शव का नंबर, फोटो और पहचान से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड करना जरूरी है।
खराब हालत वाले शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट, दांतों की जांच और DNA टेस्ट किए जा सकते हैं। एक्सपर्ट्स ने कहा है कि पहचान पक्की होने से पहले शव परिवार को न सौंपे जाएं। नेपाल में रसुवा के पास त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद 8 जिलों से अब तक 289 शव बरामद किए जा चुके हैं। ये आंकड़े दोपहर 3 बजे तक के हैं।
चितवन में सबसे ज्यादा 121 शव मिले हैं। इसके बाद पूर्वी नवलपरासी में 65, धादिंग और गोरखा में 29-29, तनहुन में 16, नुवाकोट में 12, पश्चिमी नवलपरासी में 14 और रसुवा में 3 शव बरामद हुए हैं। नेपाल में बाढ़ से टूटे रास्तों और पुलों को फिर से जोड़ने के लिए भारत बैली ब्रिज भेजेगा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह एक पोर्टेबल और पहले से तैयार किया जा सकने वाला पुल है, जिसे जरूरत वाली जगह पर जल्दी लगाया जा सकता है।
बाढ़ या भूस्खलन में जब कोई पुल टूट जाता है, तो बैली ब्रिज कम समय में रोड कनेक्टिवटी को बहाल करने में मदद करता है। इसे जरूरत के मुताबिक दूसरी जगह भी ले जाकर लगाया जा सकता है। नेपाल के त्रिशूली इलाके में बाढ़ के बाद राहत और बचाव का काम तेज कर दिया गया है। सड़क और दूसरे रास्तों को नुकसान पहुंचने के कारण फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित जगह ले जाया जा रहा है।
बचाए गए लोगों को हेलिकॉप्टर से त्रिशूली बाजार पहुंचाया जा रहा है। सेना और निजी हेलिकॉप्टरों की मदद से अब तक 100 से ज्यादा लोगों को प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला जा चुका है।

