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नोएडा एयरपोर्ट पर 8000 घंटियों से स्वागत होगा, पद्मश्री परेश मैती की कलाकृतियां से सजाया गया

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपने टर्मिनल को भारतीय कला, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हुए यात्रियों के लिए एक अनोखा अनुभव तैयार किया है। एयरपोर्ट पर पद्मश्री सम्मानित कलाकार परेशा मैती की भव्य कलाकृतियां लगाई गई हैं।

जो उत्तर प्रदेश और भारत की सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ प्रस्तुत करेंगी।

एयरपोर्ट की डिजाइन पश्चिमी उत्तर प्रदेश की विरासत से प्रेरित है। इसमें लाल ग्रेनाइट का इस्तेमाल ऐतिहासिक स्मारकों की झलक देता है, जबकि बनारस के घाटों और पारंपरिक हवेलियों के आंगन की अवधारणा को भी टर्मिनल डिजाइन में शामिल किया गया है।

यात्रियों को सुकूनभरा अनुभव देने के लिए प्राकृतिक रोशनी, खुला आंगन, ऊंची छतें और सहज नेविगेशन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। एयरपोर्ट की सबसे खास आकर्षण ‘मिस्टिक अबोड’ इंस्टॉलेशन होगी, जिसे परेश मैती ने तैयार किया है। इसमें 8000 से अधिक पीतल की घंटियों का उपयोग किया गया है।

यह कलाकृति आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच शांति, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कराने के उद्देश्य से बनाई गई है। घंटियों की ध्वनि भारतीय मंदिरों और घरों में सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। इसके अलावा मैती की विशाल ऑयल पेंटिंग ‘जागृति’ भी एयरपोर्ट पर स्थापित की गई है। छह हिस्सों में बनी यह कलाकृति भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती है। इसमें काशी के घाट, सारनाथ का स्तूप, आगरा का ताजमहल, मथुरा-वृंदावन का कुसुम सरोवर, अयोध्या और महाकुंभ जैसे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को चित्रित किया गया है।

पेंटिंग के सभी हिस्सों में उगते सूरज की रोशनी को प्रमुखता दी गई है, जो नए दिन के साथ आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। ‘जागृति’ भारतीय संस्कृति, स्थापत्य कला, अध्यात्म और इतिहास को समर्पित एक कलात्मक प्रस्तुति है।करीब पांच दशक लंबे करियर वाले परेश मैती भारत के प्रमुख समकालीन कलाकारों में शामिल हैं।

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