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 भाजपा शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर रही : अखिलेश यादव

संसद के मानसून सत्र में आज यानी सोमवार को सपा और कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष ने NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा- सरकार छात्र-नौजवानों पर मुकदमे कर रही है। युवा चेतना को चुनौती नहीं देनी चाहिए, क्योंकि अब सरकार के लिए यही चेतना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। वहीं, सरकार लोकसभा में पेपर लीक पर सख्ती को लेकर ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया। इस पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा- मुद्दा सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि सरकार की नीति और नीयत का है। इस धांधली के असली दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

उधर, सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा- पेपर लीक केवल सख्त कानून बनाने से नहीं रुक सकता। यह सारा घपला तब से बढ़ा है, जब से पूरी प्रक्रिया डिजिटल हुई है। जब व्यवस्था डिजिटल नहीं थी, तब इस तरह की बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां देखने को नहीं मिलती थीं।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा- सदन चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की है। विपक्ष लगातार सदन चलाना चाहता है, क्योंकि यह ऐसा मंच है जहां देश की तमाम समस्याएं सरकार के सामने रखी जाती हैं। सरकार को सुझाव भी दिया जाता है। अफसोस है कि वर्तमान सरकार को न तो संविधान पर विश्वास है और न ही लोकतंत्र पर। सरकार सदन को चलाना नहीं चाहती है।

कांग्रेस ने सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस देकर 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा की मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि NEET और CBSE परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस और RAF ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।

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