Religion

Amarnath Yatra 2026:   बिना पंजीकरण और तय तिथि से पहले एंट्री पर रोक

दिल्ली । जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि किसी भी श्रद्धालु को उसकी पंजीकृत तिथि से पहले अमरनाथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी और उसने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी बारी का इंतजार करें और केवल उसी तिथि पर यात्रा करें जो उनके लिए निर्धारित की गई है। प्रशासन द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की प्रतिदिन अधिकतम संख्या तय कर दी गई है।

दैनिक सीमा का पालन करना अनिवार्य

परामर्श में कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा के सुचारु संचालन के लिए इस दैनिक सीमा का पालन करना अनिवार्य है। इसमें कहा गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा शुरू होने से काफी पहले देशभर में बैंक की शाखाओं तथा ऑनलाइन माध्यमों से अग्रिम पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। अधिकांश श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठाकर अपना पंजीकरण करा चुके हैं। तत्काल पंजीकरण के लिए ‘स्लॉट’ अत्यंत सीमित हैं इसलिए सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे पहले अपना पंजीकरण कराएं और उसके बाद ही जम्मू-कश्मीर पहुंचें।

पंजीकृत तिथि से पहले किसी को भी यात्रा की अनुमति नहीं

परामर्श के अनुसार, बिना पंजीकरण के बड़ी संख्या में जम्मू-कश्मीर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल पंजीकरण के माध्यम से समायोजित करना संभव नहीं है। इसमें कहा गया है कि ऐसे श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वो अपनी बारी की प्रतीक्षा करें और प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथि पर ही यात्रा करें। प्रशासन ने यह भी बताया कि कई पंजीकृत श्रद्धालु अपनी निर्धारित यात्रा तिथि से पहले ही जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। इसमें कहा गया कि ऐसे सभी श्रद्धालुओं को स्पष्ट रूप से सूचित किया गया है कि पंजीकृत तिथि से पहले किसी को भी यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रत्येक श्रद्धालु को अमरनाथ यात्रा करने का अवसर मिलेगा

सभी श्रद्धालु केवल अपनी निर्धारित तिथि पर ही यात्रा करें। जम्मू-कश्मीर पहुंचे जिन तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण नहीं कराया है, उनसे फिर से अनुरोध है कि वे अपनी बारी का इंतजार करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक श्रद्धालु को अमरनाथ यात्रा करने का अवसर मिलेगा, लेकिन यह निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध क्षमता के अनुसार ही संभव होगा। सभी से व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के लिए वार्षिक यात्रा शुक्रवार को शुरू हो गई और श्रद्धालुओं का जत्था बालटाल एवं नुनवान आधार शिविरों से रवाना हुआ। यह यात्रा 28 अगस्त को समाप्त होगी।

Umh News india

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