बुलंदशहर : अखिलेश यादव की रैली पर सपा ने प्रशासन पर लगाया आरोप, सपा-प्रशासन में तकरार
बुलंदशहर, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 12 सितंबर को बुलंदशहर में होने वाली रैली से पहले जिले की राजनीति तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश में सपा के चुनावी प्रचार अभियान की शुरुआत करने आ रहे अखिलेश यादव की इस रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ता और जिला प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं।
रैली की जगह को लेकर पैदा हुआ विवाद अब गंभीर हो गया है। सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी जिला प्रशासन के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं।
पूरे विवाद का मुख्य कारण रैली स्थल की इजाजत न मिलना है। समाजवादी पार्टी ने रैली का आयोजन शहर के ऐतिहासिक नुमाइश मैदान में कराने की योजना बनाई थी और इसके लिए जिला प्रशासन से इजाजत मांगी थी। प्रशासन ने अभी तक नुमाइश मैदान में रैली कराने की मंजूरी नहीं दी है।
तनाव तब और बढ़ गया जब कलेक्टर ने सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली को रैली की जगह बदलकर ‘गंगानगर’ करने की सलाह दी। सपा इसके लिए भी तैयार हुई, लेकिन वहां भी कानूनी अड़चन आ गई। गंगानगर में रैली करने की इजाजत बुलंदशहर विकास प्राधिकरण देने से साफ मना कर रहा है। पार्टी को दोनों ही तय जगहों पर प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली के नेतृत्व में पार्टी का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल एसपी सिटी अभिषेक प्रताप से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के रवैये पर कड़ा विरोध जताया। जिलाध्यक्ष मतलूब अली ने प्रशासन के इरादे पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 12 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बड़ी रैली होनी है, लेकिन जिला प्रशासन जानबूझकर और बेवजह अड़चनें डाल रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय पर रैली की इजाजत नहीं दी गई, तो सपा कार्यकर्ता बिना इजाजत के ही रैली करेंगे। उन्होंने कहा, “यदि जिला प्रशासन हमसे टकराव चाहता है, तो हम भी हर स्थिति का सामना करने को पूरी तरह तैयार हैं।” सपा कार्यकर्ताओं के आक्रामक रवैये और साफ तौर पर दी गई चेतावनी के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है।

