कश्मीर : ऑपरेशन अशदर में पाकिस्तानी कमांडर यासिर ढेर
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. बडगाम जिले के युसमर्ग इलाके में शनिवार को सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक पाकिस्तानी कमांडर मारा गया. मारे गए आतंकी की पहचान यासिर के रूप में हुई है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, यासिर पाकिस्तान का नागरिक था और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था. वह पिछले कुछ समय से युसमर्ग इलाके में सक्रिय था और सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था. पुलिस ने बताया कि आतंकी के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन अशदर के दौरान यह कार्रवाई की गई. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ऑपरेशन में मारे गए आतंकी की पहचान पाकिस्तान के नागरिक और लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य यासिर के रूप में हुई है.
पहले सुलेमान मूसा ग्रुप में था यासिर
जानकारी के अनुसार, यासिर पहले लश्कर-ए-तैयबा के बड़े सुलेमान मूसा ग्रुप का हिस्सा था. करीब एक साल पहले वह इस समूह से अलग हो गया था और इसके बाद अलग नेटवर्क के साथ सक्रिय रहने लगा. समय के साथ उसने युसमर्ग क्षेत्र में लश्कर के एक प्रमुख कमांडर के रूप में अपनी पहचान बनाई. सुरक्षा एजेंसियां उसके मूवमेंट और नेटवर्क पर काफी समय से नजर रखे हुए थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षाबलों को यासिर की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी और उसके ठिकाने तथा संपर्कों को लेकर लगातार निगरानी की जा रही थी. शनिवार को ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और यासिर का आमना-सामना हो गया. इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हुई. मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया. पुलिस ने ऑपरेशन की सफलता के बाद साफ संदेश देते हुए कहा कि आतंकियों के लिए बच निकलना आसान नहीं है.
यासिर के मारे जाने के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां उसके नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं. एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके संपर्क किन अन्य लश्कर आतंकियों से थे और वह जम्मू-कश्मीर में किन गतिविधियों में शामिल रहा था.
यह भी जांच की जा रही है कि क्या यासिर ने हाल के दिनों में किसी आतंकी हमले की योजना बनाने, आतंकियों को मदद पहुंचाने या किसी अन्य आतंकी गतिविधि को अंजाम देने में भूमिका निभाई थी.
युसमर्ग में हुई यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों का हिस्सा है. सुरक्षाबलों का फोकस अब यासिर के नेटवर्क और उसके संभावित सहयोगियों तक पहुंचने पर है.

