बुलंदशहर : आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत योजना’ में अनियमितताएं बरतने वाले अस्पतालों के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को बुलंदशहर में योजना के तहत सूचीबद्ध 11 निजी अस्पतालों में गड़बड़ी पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इनमें से पांच अस्पतालों पर कुल 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि कई अस्पतालों को योजना से बाहर (डी-पैनल) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई बीते जुलाई माह में शासन की विशेष टीम द्वारा बुलंदशहर के आयुष्मान पैनल वाले अस्पतालों के औचक निरीक्षण के बाद हुई। जांच के दौरान मरीजों के इलाज, कागजातों और योजना के क्रियान्वयन में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां व अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद शासन स्तर से संबंधित दोषी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
अस्पतालों की भी निगरानी की जा रही
जिन पांच अस्पतालों पर भारी जुर्माना लगाया गया है, उनमें यशराज अस्पताल पर 15 लाख रुपये, ग्लोबल अस्पताल पर 11 लाख रुपये, सीपी अस्पताल पर 10 लाख रुपये, एनएस अस्पताल पर 9 लाख रुपये और फैमिली अस्पताल पर 5 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह पूरी कार्रवाई शासन स्तर से की जा रही है। शासन आयुष्मान योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या फर्जीवाड़े को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जिले के अन्य पैनलबद्ध अस्पतालों की भी लगातार निगरानी की जा रही है ताकि पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से इलाज मिल सके।

