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जवान का शव लेकर आ रहे इकलौते बेटे-भाई-भतीजे की मौत

सुल्तानपुर में जवान का शव लेकर जा रहे 4 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में जवान का इकलौता बेटा, भाई, रिश्ते का भतीजा और एंबुलेंस चालक शामिल हैं। 100 किमी की रफ्तार से जा रही एंबुलेंस एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। केबिन पूरी तरह पिचक गया। ड्राइवर का शव स्टेयरिंग में फंस गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने एंबुलेंस काटी। फिर आगे की सीट पर बुरी तरह फंसे 2 शवों को बाहर निकाला। पीछे बैठे 2 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, हादसा रविवार सुबह 8:15 बजे अयोध्या बॉर्डर पर हलियापुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुआ। परिवार एंबुलेंस से सूबेदार सत्यवान का शव लेकर पंचकुला (चंडीगढ़) से देवरिया जा रहा था।

मृतकों की पहचान सूबेदार मेजर के इकलौते बेटे गौरव सिंह (18), भाई राम समुझ (55), रिश्ते के भतीजे राजन सिंह (35) और एंबुलेंस चालक जसपाल के रूप में हुई है। सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर हलियापुर थाने में रखवाया गया है। हादसे की सूचना पर डीएम इंद्रजीत सिंह और पुलिस कप्तान विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे। डीएम को देखते ही मृतक का भतीजा उनके गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़ा। डीएम ने उसके कंधे पर हाथ रखकर सांत्वना दी।

पुलिस के मुताबिक, देवरिया के रुद्रपुर के रहने वाले सेना में सूबेदार मेजर सत्यवान मेरठ में तैनात थे। चंडीगढ़ में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। तीन दिन पहले पंचकुला में उनका निधन हो गया था। परिवार वाले उनका शव लेने पंचकुला पहुंचे।

परिजनों के अनुसार, सत्यवान के भाई राम समुझ, रिश्ते के भतीजे राजन सिंह और इकलौते बेटे गौरव सिंह शनिवार शाम करीब 4 बजे एंबुलेंस से शव लेकर देवरिया के लिए रवाना हुए। वहीं, सत्यवान की पत्नी सरोजिनी सिंह और बेटी दीक्षा भी सेना के वाहन से शव के साथ आ रही थीं। रास्ते में सेना का वाहन आगे निकल गया, जिससे मां-बेटी पहले ही घर पहुंच गईं।

एंबुलेंस के परखच्चे उड़े

वहीं, रविवार सुबह करीब 8:15 बजे अयोध्या-सुल्तानपुर बॉर्डर के पास हलियापुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एंबुलेंस खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसा माइलस्टोन 79.6 किलोमीटर के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए और उसका केबिन पूरी तरह पिचक गया।

आगे बैठे गौरव सिंह और एंबुलेंस ड्राइवर जसपाल का शव स्टेयरिंग में बुरी तरह फंस गया। राहगीरों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। गाड़ी काटकर दोनों शवों को बाहर निकाला। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुल्तानपुर जिला अस्पताल भेजा गया।

एंबुलेंस में पीछे बैठे राम समुझ और राजन सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों की अयोध्या के सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अयोध्या के जिला अस्पताल भेज दिया।

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