यूपी में बिजली ग्राहकों के लिए अहम खबर, स्मार्ट मीटर लगाने पर फिलहाल रोक
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. राज्य सरकार ने पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है. यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लिया गया है, जिन्होंने स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने RDSS योजना के तहत चल रहे स्मार्ट मीटरिंग कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया है. राज्य के अलग-अलग जिलों से मीटर की क्वालिटी, बिलिंग और कनेक्टिविटी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं, जिनके आधार पर यह कदम उठाया गया.
सरकार ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अंकुश शर्मा, सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रबोध बाजपेयी, वडोदरा स्थित इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन (ERDA) के तेजस मिस्त्री और UPPCL के निदेशक (वितरण) जी.डी. द्विवेदी शामिल हैं. समिति को तकनीकी खामियों की समीक्षा कर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, राज्य में अब तक करीब 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 75 लाख से अधिक उपभोक्ता प्रीपेड मोड पर आ चुके हैं. निगरानी के लिए लगभग पांच प्रतिशत कनेक्शनों पर चेक मीटर भी लगाए गए हैं.
वहीं, उपभोक्ता संगठनों ने आरोप लगाया है कि कई मामलों में बिना सहमति के उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर पर शिफ्ट किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस पर आपत्ति जताई है और इसे उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ बताया है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए. इसी को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों की तकनीकी जांच कराई जा रही है. जब तक समिति अपनी रिपोर्ट नहीं दे देती, तब तक नए स्मार्ट मीटर लगाने का काम बंद रहेगा.
अब इस पूरे मामले में आगे की दिशा तकनीकी समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी. रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार यह तय करेगी कि स्मार्ट मीटरिंग कार्यक्रम को किस रूप में आगे बढ़ाया जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान कैसे किया जाए.

