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Nainital News: नैनीताल में मंडरा रहा बड़ा खतरा

नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और भू-धंसाव की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. नैनीताल के आलूखेत और कृष्णापुर क्षेत्र में पहाड़ी खिसकने के साथ कई स्थानों पर दरारें बढ़ने की बात सामने आई है. वहीं आलूखेत में हो रहे भूस्खलन का असर नैनीताल-भवाली मार्ग पर भी दिखाई देने लगा है. कैलाखान के समीप सड़क पर हल्की दरारें नजर आने के बाद स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है.

सबसे अधिक चिंता आलूखेत और कृष्णापुर की पहाड़ियों के ऊपरी हिस्से में रहने वाले परिवारों को लेकर है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, आलूखेत की पहाड़ी के नीचे लगातार भूस्खलन होने से ऊपर रहने वाले करीब 50 परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है. वहीं कृष्णापुर के ऊपरी क्षेत्र में करीब 30 परिवार खतरे की जद में बताए जा रहे हैं. बारिश तेज होने पर इन परिवारों की चिंता और बढ़ जाती है.

हाल ही में सिंचाई विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आलूखेत तथा कृष्णापुर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया. सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह के मुताबिक, 6 अगस्त को बलियानाला के समीप कृष्णापुर क्षेत्र में नीचे की तरफ भूस्खलन हुआ था, सोमवार को भी यहां काफी अधिक स्लाइड हुई. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इस क्षेत्र में भूस्खलन हुआ था, लेकिन इस बार स्थिति अपेक्षाकृत अधिक गंभीर है. विभाग ने उत्तराखंड भूस्खलन प्रबंधन एवं न्यूनीकरण केंद्र से भी संपर्क किया है. प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण कराया गया है और संबंधित स्थानों के लिए योजना तथा डीपीआर तैयार करने का अनुरोध किया गया है. मंजूरी मिलने के बाद आवश्यक तकनीकी उपचार का काम शुरू किया जाएगा.

आलूखेत निवासी आकाश सोनकर ने बताया कि उनका घर पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में है, जबकि नीचे की तरफ लगातार भूस्खलन हो रहा है. उनका कहना है कि यदि भूस्खलन और बढ़ा तो ऊपर रहने वाले परिवारों के लिए खतरा पैदा हो सकता है. उनके मुताबिक, क्षेत्र में करीब 50 परिवार रहते हैं और समय रहते पहाड़ी का उपचार कराया जाना जरूरी है. वहीं स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष भी क्षेत्र में भूस्खलन हुआ था, लेकिन इस बार बारिश के दौरान स्लाइड कुछ अधिक बढ़ गई है. लगातार बारिश के बीच लोगों में भय का माहौल बना हुआ है. उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द ट्रीटमेंट शुरू कराने की मांग की है.

कृष्णापुर में 30 परिवारों की चिंता
कृष्णापुर वार्ड के सभासद सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, क्षेत्र में पिछले दिनों भूस्खलन हुआ है. पिछले वर्ष भी यहां स्लाइड हुई थी, लेकिन इस बार स्थिति अधिक गंभीर दिखाई दे रही है. उन्होंने बताया कि ऊपरी हिस्से में करीब 30 परिवार रहते हैं. यदि भूस्खलन आगे बढ़ता है तो इन परिवारों के लिए खतरा पैदा हो सकता है. उन्होंने जल्द वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से उपचार कराए जाने की मांग की है.

बलियानाला ट्रीटमेंट साइट को लेकर अधिकारी ने साफ की स्थिति
भूस्खलन को लेकर बलियानाला ट्रीटमेंट परियोजना पर असर पड़ने की आशंका के बीच सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि बलियानाला में कोई भू-धंसाव नहीं हुआ है और लोगों में इसे लेकर भ्रम की स्थिति है. उनके अनुसार, बलियानाला के आसपास के क्षेत्रों को भी आम बोलचाल में बलियानाला से जोड़ दिया जाता है, जबकि जो भूस्खलन हुआ है वह आलूखेत और कृष्णापुर क्षेत्र में हुआ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कृष्णापुर में नीचे की तरफ हुआ भूस्खलन बलियानाला ट्रीटमेंट साइट को प्रभावित नहीं कर रहा है. फिलहाल बलियानाला परियोजना पर इसका कोई प्रभाव नहीं है.

92 फीसदी पूरा हुआ बलियानाला ट्रीटमेंट

अधिकारी के मुताबिक, बलियानाला ट्रीटमेंट परियोजना का करीब 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. परियोजना को जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. वर्तमान में एंकरिंग का काम चल रहा है, लेकिन बारिश के कारण काम की गति कुछ धीमी हुई है. उन्होंने दावा किया कि जनवरी से पहले परियोजना का काम पूरा कर लिया जाएगा. करीब 298.93 करोड़ रुपये की इस योजना में अब तक लगभग 262 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. वहीं आलूखेत और कैलाखान क्षेत्र में सड़क तथा पहाड़ी की स्थिति को देखते हुए तकनीकी अध्ययन और डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती स्लाइड ने एक बार फिर नैनीताल की संवेदनशील पहाड़ियों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, स्थानीय लोगों की मांग है कि खतरे वाले क्षेत्रों का जल्द वैज्ञानिक सर्वे कराकर स्थायी उपचार किया जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका को समय रहते टाला जा सके.

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