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राजपाल यादव के शाहजहांपुर वाले घर पर कुर्की का नोटिस

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शाहजहांपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने उनके पैतृक घर पर 16.61 करोड़ रुपए के बकाया लोन को लेकर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है।

बैंक ने चेतावनी दी है कि 34 दिन के भीतर लोन नहीं चुकाया गया तो संपत्ति नीलाम कर दी जाएगी। नीलामी की तारीख 9 सितंबर तय की गई है। हालांकि, कुछ देर बाद परिवार ने नोटिस हटा दिया।

राजपाल यादव ने सेंट्रल बैंक की मुंबई ब्रांच से पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी के नाम पर 16.61 करोड़ रुपए का लोन लिया था। इसी बीच, 27 दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। फिलहाल वह जेल से बाहर हैं। सेंट्रल बैंक के मैनेजर अनुज वर्मा ने बताया- शाहजहांपुर के पैतृक गांव कुंद्रा स्थित भवन पर नोटिस लगाया गया है। बैंक ने करीब 2 साल पहले भी इसी मामले में नोटिस चस्पा किया था। तब राजपाल यादव और बैंक के बीच लोन चुकाने को लेकर सहमति बनी थी। राजपाल यादव को 7 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के 7 मामलों में 3 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हर मामले में उन्हें शिकायतकर्ता को 1.05 करोड़ रुपए देने हैं। कुल रकम 7.35 करोड़ रुपए है। कोर्ट ने कहा था कि राजपाल करीब 2 करोड़ रुपए पहले ही चुका चुके हैं, जिसे कुल रकम में एडजस्ट किया जाएगा।

यह मामला उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। साल 2010 में फिल्म बनाने के लिए उन्होंने बतौर डायरेक्टर 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही और कर्ज की रकम समय पर नहीं चुकाई जा सकी। इसके बाद चेक बाउंस के मामले दर्ज हुए।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराया था। राजपाल को 6 महीने की जेल की सजा हुई थी। 2019 में सेशंस कोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी। जून 2024 में हाईकोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगाई। करीब 9 करोड़ रुपए बकाया चुकाने को कहा।

रकम जमा नहीं होने पर 2 फरवरी 2026 को सरेंडर का आदेश दिया गया। राजपाल ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया। 12 दिन बाद 17 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई।

Umh News india

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