यूपी में 10 जिलों के कप्तान बदले, 20 IPS ट्रांसफर
यूपी सरकार ने बुधवार दोपहर 20 IPS अफसरों के ट्रांसफर कर दिए। इसमें 10 जिलों के कप्तान बदल दिए गए हैं। जौनपुर, मुजफ्फरनगर, बाराबंकी, हापुड़ और मऊ के SP को साइडलान कर दिया गया है। जबकि जालौन, बागपत और गाजीपुर, बलिया, बस्ती जिलों के कप्तानों को दूसरे जिलों की कमान सौंपी गई है।
इसके अलावा, लखनऊ की DCP रवीना त्यागी को बाराबंकी का SP बनाया गया है। सर्वेश कुमार मिश्रा को प्रयागराज PAC कमांडेंट से मऊ जिले की जिम्मेदारी दी गई है। DGP के स्टाफ अफसर पूर्णेन्दु सिंह को बागपत का SP बनाया गया है। मथुरा SP सिटी सुरेश चंद्र रावत को जालौन की कमान सौंपी गई है। आजमगढ़ के SP सिटी मधुवन सिंह को हापुड़ की कमान सौंपी गई है।
- संजय कुमार: राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। 2014 में PPS से प्रमोशन पाकर IPS बने। मुजफ्फरनगर जैसे जिले में उनकी कैपेबिलिटी पर सवाल उठाए जा रहे थे। शायद यही वजह रही कि उन्हें साइडलाइन करते हुए प्रयागराज PAC में कमांडेंट बनाकर भेजा गया है।
- कुंवर अनुपम सिंह: सितंबर में जौनपुर के करंजाकला गोलीकांड और एक हत्या के मामलों में पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। इसके बाद 10 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करनी पड़ी थी। कई थाना प्रभारियों को बदला गया था। 24 सितंबर को लूट-वसूली के मामलों में दो पुलिसकर्मियों समेत पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। यहां लगातार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे थे। माना जा रहा है कि इसके चलते ही इन्हें PAC पुलिस मुख्यालय भेजा गया है।
- ज्ञानंजय सिंह: हापुड़ में लंबे समय तक रहने वाले ज्ञानंजय सिंह और उनके सीनियर अफसरों के साथ तालमेल ठीक नहीं चल रहा था। इनके कार्यकाल में हापुड़ पुलिस में भ्रष्टाचार की शिकायतें भी आ रही थीं, जिसकी शिकायत लखनऊ भी पहुंची थी। इसके बाद ज्ञानंजय को हटाकर प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में DCP बनाकर भेजा गया है।
- अर्पित विजयवर्गीय: बाराबंकी के एसपी अर्पित विजयवर्गीय को हटाकर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी बनाया गया है। बाराबंकी में पिछले दिनों आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर के काफिले पर पथराव हुआ था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ FIR तो हुई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
- कमलेश बहादुर सिंह: सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी की वजह से कमलेश बहादुर को मऊ एसपी के पद से हटाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि 2023 के बाद से मऊ में पोस्ट रहे सभी एसपी पर कार्रवाई की जाए और मुख्य सचिव 16 नवंबर तक बताएं कि उन्होंने क्या कार्रवाई की?

