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WIFE – गर्लफ्रेंड छोड़कर चली गई है, हर वक्त परेशान रहते हैं? इन 5 तरीकों से दूर करें टेंशन

How to Handle Breakup Stress: किसी के साथ अगर आप लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहें और अचानक ब्रेकअप हो जाए, तो इससे लोग काफी परेशान हो जाते हैं. जब आप किसी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हों, तब बिछुड़ना काफी दर्दनाक होता है. गर्लफ्रेंड के छोड़कर जाने के बाद अकेलापन, उदासी और हर वक्त तनाव महसूस होना बिल्कुल सामान्य बात है. ऐसे में जरूरी है कि आप इस स्थिति से धीरे-धीरे बाहर निकलने की कोशिश करें, क्योंकि लगातार तनाव में रहना मानसिक और शारीरिक सेहत दोनों पर बुरा असर डाल सकता है. इससे आप बीमार हो सकते हैं, इसलिए मूव ऑन करना बहुत जरूरी है.

नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और साइकेट्रिस्ट ने बताया कि ब्रेकअप से मूव करने का सबसे अच्छा तरीका अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें समझना है. दुख, गुस्सा या निराशा, जो भी आप महसूस कर रहे हैं, उसे स्वीकार करें. खुद को यह समय दें कि आप इस बदलाव को समझ सकें. अपनी फीलिंग्स किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य से शेयर करने से मन हल्का होता है. ब्रेकअप के बाद अगर आप खुद को व्यस्त रखेंगे, तो मूव ऑन करना आसान होगा. खाली बैठने पर पुराने ख्याल बार-बार आते हैं और तनाव बढ़ता है. इसलिए अपने दिन को किसी काम में लगाएं. इससे आपका ध्यान बंटेगा और आप धीरे-धीरे बेहतर महसूस करेंगे.

डॉक्टर ने बताया कि ब्रेकअप के दर्द से उबरने के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाना जरूरी है. बार-बार अपनी एक्स की प्रोफाइल देखना या पुरानी यादों में खोए रहना आपको और परेशान कर सकता है. इसलिए कुछ समय के लिए डिजिटल डिटॉक्स लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. इसके अलावा अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. अच्छी नींद लें, संतुलित खाना खाएं और नियमित एक्सरसाइज करें. जब शरीर स्वस्थ रहता है, तो दिमाग भी बेहतर तरीके से काम करता है और आप तनाव को संभाल पाते हैं. अगर आप स्वस्थ नहीं होंगे, तो आप अपनी पुरानी बातों से उबर ही नहीं पाएंगे.

एक्सपर्ट की मानें तो ब्रेकअप से उबरने के लिए खुद पर फोकस करना जरूरी है. यह समय खुद को समझने और बेहतर बनाने का है. अपनी गलतियों से सीखें, अपने लक्ष्य तय करें और जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश करें. हर अंत एक नई शुरुआत का मौका भी देता है. ब्रेकअप जिंदगी का एक कठिन दौर हो सकता है, लेकिन यह स्थायी नहीं होता है. सही सोच और छोटे-छोटे कदमों से आप इस दर्द से बाहर निकल सकते हैं और पहले से ज्यादा मजबूत बन सकते हैं.


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