78 साल की हेमा मालिनी मां गंगा बनकर क्रेन से स्टेज पर उतरीं
कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने दीप जलाकर की। इसके बाद नृत्य नाटिका में राजा भगीरथ की तपस्या दिखाई गई। उन्होंने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर लाने का संकल्प लिया था। इसके बाद भगवान शिव ने गंगा की तेज धारा को अपनी जटाओं में धारण किया।
नृत्य नाटिका में गंगा की कहानी सतयुग से कलयुग तक दिखाई गई। इसमें अलग-अलग युगों में समाज में आए बदलाव और गंगा से लोगों के रिश्ते को नृत्य और अभिनय के जरिए पेश किया गया। इसके साथ ही पौराणिक कथाओं, भारतीय इतिहास और संस्कृति से जुड़े प्रसंग भी दिखाए गए। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने दीप जलाकर की। इसके बाद नृत्य नाटिका में राजा भगीरथ की तपस्या दिखाई गई। उन्होंने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को धरती पर लाने का संकल्प लिया था। इसके बाद भगवान शिव ने गंगा की तेज धारा को अपनी जटाओं में धारण किया।
नृत्य नाटिका में गंगा की कहानी सतयुग से कलयुग तक दिखाई गई। इसमें अलग-अलग युगों में समाज में आए बदलाव और गंगा से लोगों के रिश्ते को नृत्य और अभिनय के जरिए पेश किया गया। इसके साथ ही पौराणिक कथाओं, भारतीय इतिहास और संस्कृति से जुड़े प्रसंग भी दिखाए गए। हेमा मालिनी ने नृत्य नाटिका के जरिए बताया कि जिस नदी को जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी माना जाता है, वह आज लापरवाही और प्रदूषण से खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने गंगा, यमुना समेत दूसरी नदियों को स्वच्छ रखने और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण का संदेश दिया।
ब्रज रज उत्सव के तहत इस बार वृंदावन के नवनिर्मित स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मथुरा के धौलीप्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड में 24 अक्टूबर से उत्सव की अन्य गतिविधियां शुरू होंगी। हेमा मालिनी ने कहा- मैं पिछले कुछ वर्षों से प्रयागराज और बनारस जैसी जगहों पर ‘गंगा’ नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देती आ रही हूं। मेरी इच्छा थी कि यमुना के तट पर भी इस प्रस्तुति को पेश करूं। इसके जरिए हम नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने और उन्हें स्वच्छ रखने का संदेश दे रहे हैं।
आगे उत्सव में रेलवे ग्राउंड पर सुदेश भोसले का मिमिक्री और संगीत कार्यक्रम होगा। इसके अलावा सौरभ जैन ‘मेरे कृष्ण’ नाटक की प्रस्तुति देंगे। मैं ब्रजरज उत्सव और ब्रज तीर्थ विकास परिषद का आभार व्यक्त करती हूं। सभी लोगों से अपील है कि वे यहां आएं और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लें।

