कंप्यूटर ऑपरेटर ने थाने से 32 हथियार चुराकर राजस्थान भेजे
फरीदाबाद के सेक्टर-8 थाने के मालखाने से 32 लाइसेंसी हथियार चोरी होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि ITI अप्रेंटिस मोनू ने करीब 7 महीने तक एक-एक कर हथियार चुराए। वह चोरी के हथियार अपने मामा के बेटे विपिन के पास राजस्थान के तिजारा भेजता था, जहां से उन्हें नोएडा, हरियाणा के नूंह, पलवल, रेवाड़ी, भिवाड़ी और फरीदाबाद समेत कई इलाकों में बेच दिया गया।
पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी मोनू समेत 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। दावा है कि चोरी हुए सभी 32 लाइसेंसी हथियार बरामद कर लिए गए हैं।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोनू फरीदाबाद के करनेरा गांव का रहने वाला है। वह कंप्यूटर डिप्लोमा का छात्र था और साल 2025 में पुलिस विभाग में ITI अप्रेंटिस के तौर पर सेक्टर-8 थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात हुआ था। थाने के CCTV फुटेज की जांच में पता चला कि हथियारों की चोरी अक्टूबर 2025 से शुरू हुई थी।
9 मई को चोरी का खुलासा हुआ पुलिस के अनुसार 9 मई को सेक्टर-8 थाना प्रभारी राजबीर ने मालखाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 13 हथियार गायब मिले। सूचना सीनियर अधिकारियों तक पहुंची तो जांच कराई गई। जांच में पता चला कि 13 नहीं, बल्कि कुल 32 लाइसेंसी हथियार मालखाने से गायब हैं।
8 धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू जांच में यह भी सामने आया कि चोरी हुए हथियारों में कई विदेशी पिस्टल शामिल थीं, जिनकी कीमत करीब 12 लाख रुपए तक है। इसके बाद पुलिस ने आठ धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज खंगालने पर पता चला कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच चोरी की पूरी वारदात ITI अप्रेंटिस मोनू ने अंजाम दी थी। पुलिस ने 9 मई को ही उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी।
राजस्थान पहुंचाए गए हथियार
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोनू चोरी किए गए हथियार अपने मामा के बेटे विपिन के पास राजस्थान के तिजारा भेजता था। वहां से विपिन ने हथियार तिजारा निवासी संजय और भिवाड़ी निवासी प्रदीप तक पहुंचाए। पुलिस के मुताबिक संजय के पास 26 और प्रदीप के पास 16 हथियार पहुंचे थे।
नोएडा में भी सप्लाई हुए हथियार
पुलिस जांच के अनुसार राजस्थान से इन हथियारों की सप्लाई नोएडा, फरीदाबाद, नूंह, पलवल, रेवाड़ी, भिवाड़ी और अन्य इलाकों में की गई। हालांकि इन्हें कितनी कीमत में बेचा गया, इसका खुलासा पुलिस ने नहीं किया है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मामले में लापरवाही सामने आने पर मालखाना इंचार्ज ESI बिजेंद्र सिंह को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। विभागीय जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

