लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर का हत्यारोपी एनकाउंटर में मारा गया
लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर संजय उर्फ संजीव एनकाउंटर में मारा गया है। शनिवार तड़के 4 बजे पुलिस ने उसकी घेराबंदी की तो उसने STF पर कार्बाइन से फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में ढेर हो गया। मुठभेड़ इंदिरा कैनाल रोड पर हुई।
संजीव ने 27 मई को दिनदाहड़े प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की थी। प्रॉपर्टी डीलर अपने ऑफिस के सामने मोबाइल पर बात कर रहे थे, तभी संजय उर्फ संजीव ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। उस पर पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि संजीव लखनऊ में अपने किसी साथी से मिलने आने वाला है। किसी वारदात की योजना बना रहा है। इस पर तुरंत तीन टीमें बनाकर जाल बिछाया गया। सुबह करीब 3:50 बजे मुखबिर ने फैजाबाद रोड की ओर से आ रही एक बाइक की ओर इशारा कर बताया कि बाइक चलाने वाला शख्स संजीव है।
पुलिस ने रुकने को कहा तो वह बाइक की रफ्तार बढ़ाकर किसान पथ की ओर भगाने लगा। एसटीएफ टीम ने उसका पीछा किया। दूसरी टीम को आगे से घेरने के लिए कहा। करीब 2-3 किलोमीटर आगे घेराबंदी देखकर संजीव ने बाइक मोड़ने की कोशिश की, तभी बाइक फिसल गई।
बदमाश झाड़ियों और दीवार की आड़ लेकर एसटीएफ टीम पर फायरिंग करने लगा। एक गोली सिपाही आलोक रंजन की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, जबकि दो गोलियां ASP दीपक कुमार सिंह और इंस्पेक्टर हेमंत भूषण सिंह के पास से निकल गईं। बदमाश ने अपने बैग से कार्बाइन निकालकर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में मारा गया।
पुलिस के मुताबिक, संजीव अंबेडकरनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र के चक कोदार गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या और लखनऊ समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे। वह अंबेडकरनगर, बस्ती, गोंडा और अयोध्या में सक्रिय बदमाश दिलीप वर्मा और खान मुबारक की गैंग का शार्प शूटर रह चुका है। हत्या के एक मामले में वह करीब 12 साल जेल में रहा और 2023 में रिहा हुआ। इसके बाद उसने सुपारी लेकर 27 मई को लखनऊ में बिल्डर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने संजीव के गांव पहुंचकर उसके एनकाउंटर की सूचना परिवार को दी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। संजीव पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था। बाकी भाई मजदूरी करते हैं। मां की मौत हो चुकी है। पिता बीमार रहते हैं। परिवार में पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी है। एक बेटा सिलाई का काम करता है। बाकी पढ़ाई करते हैं। जौनपुर में प्रापर्टी डीलर संदीप के बड़े भाई सतीश सिंह ने कहा- शूटर का एनकाउंटर हुआ है। थोड़ी राहत मिली है। सरकार से उम्मीद है कि जो गिरफ्तार हुए और जो फरार चल रहे हैं उनका भी एनकाउंटर होगा। कार्रवाई थोड़ी लेट हुई, लेकिन कोई बात नहीं। कानूनी प्रक्रिया में थोड़ा समय लग रहा है।
- प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह (42) 27 मई को दोपहर 12 से 12:30 बजे के बीच ड्राइवर प्रदीप सिंह के साथ पीजीआई थानाक्षेत्र स्थित अपने ऑफिस पहुंचे थे। संदीप कार से उतरकर ऑफिस की ओर बढ़ ही रहे थे, तभी बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे।
- इसी दौरान सफेद शर्ट और नीली जींस पहने बदमाश उनके पास आता है और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर देता है। पहली गोली सीने के पास लगते ही संदीप सड़क पर गिर पड़ते हैं। इसके बाद भी बदमाश लगातार फायरिंग करता रहता है। आखिरी गोली संदीप के सिर के पास मारता है।
- वारदात को अंजाम देते समय एक बदमाश अपाचे बाइक स्टार्ट किए पहले से खड़ा था। संदीप को कई गोलियां मारने वाला दूसरा बदमाश दौड़ते हुए बाइक पर बैठा, जिसके बाद दोनों फरार हो गए। बाइक चला रहा बदमाश हेलमेट लगाए हुए था, जबकि पीछे बैठे हमलावर ने अपना मुंह सफेद गमछे से बांध रखा था।
- आसपास के लोगों ने प्रॉपर्टी डीलर को अपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस को घटना की 50 सेकंड की सीसीटीवी फुटेज मिला था। News को वारदात का एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज मिला था।
प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह मूल रूप से जौनपुर के टकारी गांव के रहने वाले थे। वह वृंदावन योजना में कालिंदी पार्क के पास परिवार के साथ रहते थे। परिवार में पत्नी प्रीति सिंह (40), बेटा सार्थक सिंह (11) और बेटी सीवी सिंह (9) हैं। उनके बड़े भाई सतीश सिंह गांव में ही रहते हैं।
संदीप 2008 से लखनऊ में अपने बड़े पिता राजेंद्र प्रसाद सिंह के साथ रहने लगे थे। राजेंद्र सरकारी इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल थे। यहीं रहकर संदीप ने प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया था। डेढ़ साल पहले उन्होंने कल्ली पश्चिम बाजार के यादव कॉम्प्लेक्स में पीएसएस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से ऑफिस खोला था।

