Hindi News LIVE

दुनिया की टेंशन के बीच भारत की इकॉनमी का जलवा

दिल्ली. दुनिया में भले टेंशन हो, लेकिन भारत की इकॉनमी का जलवा बरकरार है. फाइनेंश‍ियल इयर 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में जीडीपी 7.8% की रफ्तार से दौड़ी. यह रफ्तार बताती है कि घरेलू अर्थव्यवस्था में दम न स‍िर्फ बरकरार है, बल्‍क‍ि वह और कुलांचे भरने को तैयार है. और कहानी यहीं खत्म नहीं होती. मौजूदा कीमतों पर नॉमिनल जीडीपी 10.3% बढ़ी है. सरकार ने ये आंकड़े जीडीपी की नई सीरीज और 2022-23 के आधार वर्ष के हिसाब से जारी किए हैं. मतलब साफ है क‍ि दुनिया में अनिश्चितता का दौर चल रहा है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी रफ्तार का गियर नीचे करने से इनकार कर दिया है.

स्थिर कीमतों पर जीडीपी का आकार बढ़कर ₹81.36 लाख करोड़ हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹75.46 लाख करोड़ था. पिछले साल पहली तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रही थी. वर्तमान कीमतों पर यानी नॉमिनल जीडीपी 10.3% बढ़कर ₹88.27 लाख करोड़ हो गई. वहीं, रियल जीवीए में 8.2% की ग्रोथ दर्ज की गई. सेक्टर के हिसाब से देखें तो सर्विस सेक्टर सबसे आगे रहा, जिसकी ग्रोथ 10% रही. मैन्युफैक्चरिंग ने 9.2% और कंस्ट्रक्शन ने 7.7% की ग्रोथ दर्ज की. आंकड़े बताते हैं कि घरेलू निवेश और आर्थिक गतिविधियों में भी मजबूती आई है.

रियल जीवीए के आधार पर प्राइमरी सेक्टर की ग्रोथ 2.9% रही. इसमें कृषि, पशुपालन, वानिकी और मत्स्य पालन की ग्रोथ 3.6% रही, जबकि माइनिंग और क्वॉरिंग में 2.4% की गिरावट दर्ज की गई. सेकेंडरी सेक्टर 8.6% की दर से बढ़ा. इसमें मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ 9.2% रही. बिजली, गैस, पानी और दूसरी यूटिलिटी सेवाओं में 8.9% और कंस्ट्रक्शन में 7.7% की ग्रोथ रही. सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 10% रही. फाइनेंशियल, रियल एस्टेट, आईटी और प्रोफेशनल सर्विसेज में सबसे ज्यादा 12.1% की ग्रोथ दर्ज की गई. ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और स्टोरेज सेगमेंट 8.5% बढ़ा.

निवेश की ग्रोथ डबल डिजिट में पहुंची

जीडीपी के खर्च वाले हिस्से में भी मजबूत आंकड़े देखने को मिले. ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन यानी जीएफसीएफ की ग्रोथ 11.9% रही. पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5.8% थी. यानी निवेश की रफ्तार में काफी सुधार हुआ है. प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर यानी निजी खपत में 7.1% की ग्रोथ रही. सरकारी अंतिम खपत व्यय 4.3% बढ़ा.

कई प्रमुख आर्थिक संकेतकों में तेजी

अर्थव्यवस्था से जुड़े दूसरे आंकड़ों में भी सुधार दिखा है. पहली तिमाही में सीमेंट उत्पादन की ग्रोथ 8.9% रही, जबकि पिछले साल यह 7.3% थी. तैयार स्टील की खपत 8.3% बढ़ी. कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 18.3% और तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 29.7% की तेज ग्रोथ दर्ज की गई. वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में 25.8% और आयात में 30.5% की ग्रोथ रही. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में कैपिटल गुड्स की ग्रोथ 15.2% और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट की ग्रोथ 27% रही. इससे अर्थव्यवस्था में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों की मजबूत तस्वीर सामने आती है.

नए बेस ईयर के साथ जारी हुआ आंकड़ा

सरकार ने जीडीपी के इस नए सीरीज में बेस ईयर 2022-23 रखा है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के आंकड़ों के लिए डबल डिफ्लेशन पद्धति का इस्तेमाल किया गया है. वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के जीडीपी आंकड़े 30 नवंबर 2026 को जारी किए जाएंगे.

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *