अयोध्या : राम मंदिर का चढ़ावा गिनने वाले 40 कर्मचारी हटाए
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा गिनने वाले 40 कर्मचारियों को सोमवार को हटा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों को ड्यूटी में लगाया गया है। हटाए गए कर्मचारियों को दूसरी जगह ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अलावा, गणनास्थल पर 3 CCTV बढ़ाए गए हैं। अब CCTV की संख्या 4 हो गई है।
इधर, धर्म सेना के अध्यक्ष संतोष दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखा है। उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है।
चढ़ावा चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) आज CM योगी आदित्यनाथ को शुरुआती रिपोर्ट सौंप सकती है। टीम रविवार शाम को योगी से मिलने पहुंची थी, लेकिन उनके मानसून सेशन की मीटिंग में व्यस्त होने की वजह से मुलाकात नहीं सकी थी। SIT ने जिन लोगों से पूछताछ की, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या से बाहर न जाने की चेतावनी दी गई है।
इनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव भी शामिल हैं। हालांकि, सूत्रों से पता चला है कि गोपाल राव अयोध्या छोड़कर कर्नाटक चले गए हैं। अभी यह साफ नहीं है कि उन्होंने SIT को अयोध्या छोड़ने के बारे में बताया या नहीं। भास्कर रिपोर्टर ने उनके नंबर पर फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। मैसेज भेजकर भी प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई। पार्टी प्रमुख अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामला देखना चाहिए।
चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली। SIT ने जांच का डेटा 7 पेन ड्राइव में सेव किया है। 6 दिन की जांच में 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से 25 लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
SIT मामले में आज या कल में FIR भी करा सकती है, जिसमें चंपत राय के करीबी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अनुकल्प मिश्रा समेत ट्रस्ट के पदाधिकारियों को नामजद किया जा सकता है। SIT रिपोर्ट में करीब 80 लोगों के नाम हो सकते है।
टिन्नू मंदिर में दान राशि की गिनती से जुड़े काम देखता था। उस पर 8 महीने की CCTV फुटेज डिलीट कराने का आरोप है। अनुकल्प मिश्रा भी राम मंदिर में नौकरी करता है।

