बाबा रामदेव बोले- हिंदुस्तान में सभी कंवर्टेड मुसलमान
मथुरा में बाबा रामदेव ने कहा- हिंदुस्तान के सारे मुसलमान कंवर्टेड है। उनके भी पूर्वज राम-कृष्ण हैं। भारत में जितने भी मुसलमान हैं, वे अगर अपने पूर्वजों के साथ जुड़ेंगे तो खुद को कभी कमजोर महसूस नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा- सनातन युगों-युगों से था और युगों-युगों तक रहेगा। कुछ लोग सनातन में जाति, वर्ग और समुदाय के नाम पर भेद पैद कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि राम अमीरों और शिव गरीबों के भगवान हैं। कम से कम भगवान के नाम पर भेदभाव के बीज तो मत डालो।
बाबा रामदेव बुधवार को बरसाना में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर जमकर हमला बोला। कहा- ओवैसी कौम को गुमराह कर रहे हैं।
1- मुसलमानों के पूर्वज राम-कृष्ण: ओवैसी कह रहे हैं कि कोई नहीं चाहता कि मुसलमानों की अपनी राजनीतिक आवाज हो। मैं अपने सभी मुस्लिम भाइयों से आह्वान करूंगा कि उनके भी पूर्वज ऋषि-मुनि रहे हैं। उनके भी पूर्वज राम-कृष्ण हैं।
2- राम अमीरों के और शिव गरीबों के भगवान: जो लोग भगवान शिव को गरीबों का भगवान कहकर राम और शिव में भेद करते हैं, वे मूर्खता कर रहे हैं। राम, कृष्ण, हनुमान, शिव, भगवती सभी परात्पर ब्रह्म के स्वरूप हैं। उन्हें लक्ष्मी-नारायण कहो, शिव-शक्ति कहो या उमा-महेश्वर कहो, भगवान में कोई भेद नहीं है। वेद में ऐसा कोई भेद है ही नहीं।
3- फूहड़ रील और अश्लील फिल्मों से दूर रहें: युवा सोशल मीडिया पर चल रही फूहड़ रील और अश्लील फिल्मों से दूर रहें। युवाओं को अपना समय ऐसी चीजों में बर्बाद करने के बजाय अपनी संस्कृति और भक्ति से जुड़ना चाहिए।
मथुरा के बरसाना में सोमवार (28 सितंबर) से कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा चल रही है। इससे पहले रविवार शाम प्रदीप मिश्रा राधारानी मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने हाथ जोड़कर राधारानी का आशीर्वाद लिया था।
करीब 27 महीने पहले एक कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने राधारानी को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि राधारानी का नाम भगवान श्रीकृष्ण की 108 पटरानियों और 1600 रानियों में नहीं है। इस बयान से संत नाराज हो गए थे। बाद में प्रदीप मिश्रा ने राधारानी मंदिर पहुंचकर नाक रगड़कर माफी मांगी थी।
इसके बाद वह पहली बार बरसाना पहुंचे हैं। कथा के लिए बरसाना से 3 किलोमीटर दूर गाजीपुर संकेत रोड पर प्रेम सरोवर के पास मैदान में पंडाल बनाया गया है। इसमें 50 हजार से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। कथा 28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रोजाना दोपहर 1 से शाम 4 बजे होती है। इसका आयोजन श्री विट्ठलेश सेवा समिति सीहोर की ओर से किया जा रहा है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने 9 जून, 2024 को ओंकारेश्वर में विवादित बयान दिया था। कथा के पहले दिन प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा था, ‘राधा-रानी का नाम भगवान श्रीकृष्ण की 108 पटरानियों और 1600 रानियों में नहीं है। राधा के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद का नाम कुटिला था। राधा जी का विवाह छाता में हुआ था।’
उन्होंने कहा था, ‘राधा जी बरसाना की नहीं, रावल की रहने वाली थीं। बरसाना में तो राधा जी के पिता की कचहरी थी, जहां वह साल भर में एक बार आती थीं।’ पंडित प्रदीप मिश्रा का ये प्रवचन वायरल हुआ तो संत और ब्रजवासियों ने विरोध किया।
सबसे तल्ख टिप्पणी संत प्रेमानंद महाराज की तरफ से आई थी। उन्होंने कहा था, ‘लाडली जी के बारे में तुम्हें पता ही क्या है? तुम जानते ही क्या हो? अगर तुम किसी संत के चरण रज का पान करके बात करते तो तुम्हारे मुख से कभी ऐसी वाणी नहीं निकलती।’

