यूपी के 50 शहरों में 24 घंटे से जोरदार बारिश
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात ‘अर्नब’ से यूपी में मौसम बिगड़ गया है। 50 शहरों में 24 घंटे से रुक-रुक कर जोरदार बारिश हो रही है। नदियों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। राहत आयुक्त ने 32 जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लोग सतर्क रहें। नदी के किनारों से दूर रहें।
अमेठी में पुलिस जगह-जगह अनाउंस कर रही है कि लोग जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। लखनऊ में सुबह से अंधेरा छाया है। ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं से फसलें गिर गई हैं। खेतों में पानी भर गया है। योगी ने अफसरों को फील्ड में उतरने का निर्देश दिया है।
इधर, ललितपुर में लगातार हो रही बारिश से जामनी नदी उफान पर है। कुझान घाट के पास पुल डूब जाने से पानी के तेज बहाव में एक पेट्रोल टैंकर फंस गया। बहकर नदी के किनारे लटक गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से टैंकर को सुरक्षित बाहर निकाला।
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से उठे इस चक्रवाती तूफान की वजह से यूपी, बिहार, एमपी और आसपास के राज्यों में मौसमी गतिविधियां तेज हुई हैं। इसका असर 27 सितंबर तक रहेगा। आज प्रदेश के 65 जिलों में बारिश का अलर्ट है। कुछ जगह 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है।
यूपी राहत आयुक्त ने 26 सितंबर को 32 जिलों में अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी एवं चित्रकूट के कुछ वाटरशेड में आकस्मिक बाढ़ की आशंका है। लोगों से अपील की गई कि सतर्क रहें, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। कानपुर देहात में गुरुवार रात करीब 3 बजे शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद शुक्रवार दोपहर तक रुक-रुककर बारिश होती रही। करीब 11 घंटे से जारी बारिश के कारण मंगलपुर, झींझक, डेरापुर, गलुआपुर, नुनारी समेत आसपास के बाजारों में सन्नाटा नजर आया। सड़कों पर भी आवाजाही कम रही। वाहन और सवारियां नहीं मिलने से ऑटो और ई-रिक्शा चालक खाली बैठे रहे। जरूरी काम से ही लोग घरों से बाहर निकले। बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

