बुलंदशहर : तत्कालीन थाना प्रभारी समेत 7 पुलिसकर्मियों पर FIR
बुलंदशहर में शनिवार दोपहर 2 बजे सिकंदराबाद कोतवाली के तत्कालीन थाना प्रभारी समेत 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। यह एक्शन डीआईजी कलानिधि नैथानी के आदेश पर हुआ है।
पुलिसकर्मियों पर एक युवक को अवैध हिरासत में रखने, मारपीट करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 6 लाख रुपये वसूलने का आरोप है। मामला दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।
सिकंदराबाद के मोहल्ला रिसालदारान निवासी सलमान पुत्र हनीफ खान ने शिकायत में बताया कि उनकी बुलंदशहर रोड स्थित दुकान से 30 अप्रैल की रात करीब 8:30 बजे घर लौटते समय गुलावठी टोल प्लाजा के पास सिकंदराबाद पुलिस ने उन्हें और उनके भतीजे आदिल को रोक लिया। आरोप है कि दोनों को जबरन थाने ले जाकर हिरासत में रखा गया।
एनडीपीएस केस में फंसाने और मुठभेड़ की धमकी का आरोप
सलमान का आरोप है कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और 20 लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि रकम नहीं देने पर एनडीपीएस एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसा देंगे और पैर में गोली मार देंगे।
6 लाख रुपये लेने के बाद छोड़े जाने का दावा
शिकायत के अनुसार, डर के कारण परिजनों ने 6 लाख रुपये की व्यवस्था कर पुलिसकर्मियों को दिए। इसके बाद सुबह करीब 3 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। सलमान का आरोप है कि जाते समय उन्हें धमकी दी गई कि यदि घटना की जानकारी किसी को दी या शिकायत की, तो पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाएगा।
तत्कालीन थाना प्रभारी समेत सात पर केस
एफआईआर में सिकंदराबाद के तत्कालीन थाना प्रभारी नीरज मलिक, उपनिरीक्षक अरुण कुमार, कॉन्स्टेबल योगेश तथा चार अज्ञात पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है।
CCTV फुटेज होगी जांच का अहम आधार
शिकायतकर्ता ने गुलावठी टोल प्लाजा और सिकंदराबाद थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। डीआईजी के निर्देश पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

