सुल्तानपुर BSA को हाईकोर्ट का अवमानना नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आदेश का अनुपालन न करने पर सुल्तानपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। जज सौरभ लवानिया की पीठ ने अवमानना याचिका संख्या 3728/2026 पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
मामला राम यज्ञ पांडे और सात अन्य शिक्षकों-कर्मचारियों की प्रोन्नति वेतनमान और अंतिम सूची जारी करने की मांग से जुड़ा है। कोर्ट ने पहले 1 जुलाई 2026 को संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर मामले में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। तय समय में कार्रवाई न होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई।
राम यज्ञ पांडे और सात अन्य शिक्षकों-कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में रिट-ए संख्या 3678/2026 दाखिल की थी। इसमें प्रोन्नति वेतनमान दिए जाने और अंतिम सूची जारी करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने 21 जनवरी 2026 के उस आदेश को भी चुनौती दी थी, जिसमें ऑफलाइन शिकायत प्रक्रिया को स्वीकार नहीं किया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने 1 जुलाई 2026 को याचिका का निस्तारण कर दिया था। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर मामले में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। निर्धारित समय बीतने के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होने पर राम यज्ञ पांडे ने अवमानना याचिका दाखिल की।
आदेश नहीं माना तो क्यों न हो कार्रवाई
अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संबंधित पक्ष से जवाब मांगा है कि 1 जुलाई के आदेश की अवहेलना करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ सकता है।
5 अक्टूबर को शीर्ष 30 मामलों में होगी सुनवाई
न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया ने मामले को 5 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के लिए शीर्ष 30 मामलों की सूची में शामिल करने का आदेश दिया है। अब अगली सुनवाई में संबंधित पक्ष को हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के अनुपालन और कार्रवाई में देरी को लेकर अपना पक्ष रखना होगा।

