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लखनऊ में शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

‘योगी बाबा न्याय करो, सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करो’ और ‘न्याय नहीं दे सकते तो इस्तीफा दो’ । इसी नारे के साथ लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अभ्यर्थी दो अलग-अलग हिस्सों में बंट गए। एक समूह ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास भीख मांगकर विरोध किया। तो वहीं दूसरे समूह ने विधान भवन का घेराव किया।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों और सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी के कारण उन्हें वर्षों से नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। इस दौरान करीबन आधे घंटे तक अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। महिला अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। चूड़ियां तोड़ दी गईं और कपड़े तक फाड़े गए।

हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया, जहां कुछ अभ्यर्थी ठेला लगाने वालों से भीख मांगते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प चलती रही। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई और कई अभ्यर्थियों को पकड़कर जबरन गाड़ियों में बैठाया।

महिला अभ्यर्थियों को भी महिला पुलिसकर्मियों ने बलपूर्वक हटाया। कुछ को उठाकर (टांग कर) गाड़ियों में बैठाया गया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन ले जाकर छोड़ा गया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार की लचर पैरवी की वजह से उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पा रही। पिछले 5 वर्षों से रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 5 सालों में सैकड़ो बार, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर चुके हैं। हर बार मंत्री आश्वासन देते हैं।

बेरोजगार होते हुए भी हम लोग अलग-अलग जनपदों से किराया भाड़ा खर्च करके आते हैं, मगर मायूस होकर वापस जाना पड़ता है। इस बेरोजगारी में हम लोगों के लिए 100 – 200 रुपए भी बड़ी बात है। किस तरह से हम लोग लखनऊ आते हैं यह हम अभ्यर्थी ही जानते हैं।

Umh News india

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