साढ़ेसाती के समय भूलकर भी न करें ये 7 काम, वरना शनिदेव होंगे नाराज
Sade Sati Do’s & Don’ts: जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती शुरू होती है, तो उसका प्रभाव साढ़े सात साल तक रहता है. शनि की गति धीमी है तो साढ़ेसाती लगने पर व्यक्ति के हर कार्य में देरी होती है. आप जो भी काम करेंगे या मेहनत करेंगे, उसमें सफलता देर से प्राप्त होगी. साढ़ेसाती का समय व्यक्ति को उसके पूर्व के कर्मों के फल देने वाला होता है. इस समय में आपको सावधान रहने की जरूरत है. यदि आप गलत काम करते हैं तो उसका बुरा असर आप पर ही होगा. शनिदेव आपसे नाराज हो जाएंगे और आपका बुरा वक्त शुरू हो जाएगा.
साढ़ेसाती के दौरान कौन से व्यवहार और आदतें नुकसान पहुंचा सकती हैं?
- साढ़ेसाती के समय में गरीब, कमजोर और लाचार लोगों को हानि न पहुंचाएं. उनके मान सम्मान को ठेस न पहुंचाएं. जो लोग ऐसा करते हैं, उन पर शनि का प्रकोप बढ़ जाता है.
- जो लोग साढ़ेसाती में अपने धन, ज्ञान, वैभव, पद, प्रतिष्ठा, सफलता आदि का घमंड करते हैं, उससे दूसरों को नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं. उनको शनिदेव दंडित करते हैं. वे उनके अहंकार को तोड़ते हैं.
- जो व्यक्ति चोरी, शराब, जुआ, दूसरों स्त्रियों के साथ व्यभिचार करता है, उसे शनिदेव जरूर ही दंडित करते हैं.
- साढ़ेसाती के समय में आपको आलस्य और काम टालने की आदत से बचना चाहिए. जो लोग परिश्रम नहीं करते हैं, उनको शनि देव फल नहीं देते हैं. उनके काम अटक जाते हैं.
- जो लोग नैतिकता, कानून और नियमों का पालन नहीं करते हैं, उनको भी साढ़ेसाती में शनि के कष्ट भोगने पड़ते हैं.
- जो व्यक्ति झूठ बोलता है, दूसरों के साथ बेईमानी, छल-कपट, धोखाधड़ी और घृणा करता है, ऐसे लोगों को भी साढ़ेसाती में कष्ट झेलना पड़ता है.
- साढ़ेसाती में बेवजह का वाद-विवाद और गुस्सा करते हैं तो भी आपको ही नुकसान होता है. शनि की कुदृष्टि से आपकी मानसिक शांति भंग हो सकती है. तनाव और अनिद्रा के शिकार हो सकते हैं. मानसिक रोग तक हो सकते हैं.
शनि को प्रसन्न रखने के लिए रोजाना क्या अच्छे कर्म करने चाहिए?
- साढ़ेसाती के समय में आपको गरीबों, मजदूरों, सफाई कर्मचारियों, मरीजों और असहाय लोगों की मदद करनी चाहिए.
- गरीब और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र, अन्न, दवाई, फल, जूते, चप्पल आदि का दान करें.
- इस समय में व्यक्ति को हमेशा विनम्र रहना चाहिए. वाणी पर संयम रखें और वाद विवाद से दूर रहें. धैर्य से काम लें.
- कार्य में सफलता मिले तो आपको जमीन से जुड़े रहना चाहिए. उसका घमंड नहीं करना चाहिए. वरना शनिदेव आपका खेल बिगाड़ सकते हैं.
- जब साढ़ेसाती का समय चल रहा हो तो व्यक्ति के अपने कर्म पर भरोसा रखना चाहिए और अनुशासन का पालन करना चाहिए. अपने कठिन मेहनत से पीछे न रहें.
- आपको इस समय में पूर्णतया ईमानदारी रखनी चाहिए. गलत और अनैतिक कार्यों से दूर रहें.
- सिंगल हैं तो ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें. विवाहित हैं तो पतिव्रता और पत्नीव्रता रहें.

