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बद्रीनाथ से लौट रहे हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग

बद्रीनाथ धाम से देहरादून लौट रहे श्रद्धालुओं के हेलिकॉप्टर की बुधवार को टिहरी गढ़वाल में तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर अनबैलेंस होने लगा था, जिसके बाद महिला पायलट ने खेत में उतारने का फैसला लिया था।

लैंडिंग के समय हेलिकॉप्टर का पिछला हिस्सा 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे वह हल्का क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बावजूद पायलट ने हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतार लिया।

हेलिकॉप्टर में पायलट समेत 7 लोग सवार थे। सभी सुरक्षित हैं। यात्री दिल्ली के पंजाबी बाग निवासी एक ही परिवार के हैं। घटना सुबह करीब पौने 9 बजे हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अपर जिला अधिकारी (ADM) शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलिकॉप्टर बद्रीनाथ धाम से 6 यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी जा रहा था। वहां से उसे आगे देहरादून जाना था। इसी दौरान गुप्तकाशी में वीआईपी मूवमेंट होने के कारण पायलट को सीधे देहरादून जाने के निर्देश दिए गए।

रूट बदलने के बाद हेलिकॉप्टर चम्बा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर पहुंचा। इसी दौरान उसमें तकनीकी दिक्कत आने की बात सामने आई। यात्रियों और पायलट के अनुसार, हेलिकॉप्टर हवा में असंतुलित होने लगा और नीचे आने लगा।

स्थिति गंभीर होने पर महिला पायलट अनुपमा चौधरी ने नीचे दिख रहे खेतों में हेलिकॉप्टर उतारने का फैसला लिया। बताया गया कि नीचे उतरते समय हेलिकॉप्टर का पिछला हिस्सा 11000 वोल्ट के हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आ गया।

इस दौरान बिजली का तार हेलिकॉप्टर के पिछले हिस्से और रोटर में उलझ गया। चम्बा-आराकोट क्षेत्र से लेकर लैंडिंग स्थल तक बिजली का तार हेलिकॉप्टर में फंसा रहा। इससे हेलिकॉप्टर का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग होते ही आसपास के गांवों के लोग खेतों की ओर पहुंचने लगे। ग्रामीणों की मौके पर भीड़ लग गई। स्थानीय लोगों ने भी यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की।

सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने पूरे इलाके को सुरक्षित कराया और हेलिकॉप्टर के आसपास लोगों की आवाजाही रोकी गई। धनोल्टी तहसीलदार मोहम्मद शादाब ने बताया कि घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

एडीएम के अनुसार हेलिकॉप्टर की पायलट अनुपमा चौधरी मेरठ की रहने वाली हैं। यात्रियों ने भी बताया कि गंभीर स्थिति के दौरान पायलट लगातार हेलिकॉप्टर को नियंत्रित करने की कोशिश करती रहीं। उनकी सूझबूझ और फैसले से बड़ा हादसा टल गया।

Umh News india

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