News

 खुर्जा : दस्तावेज़ लेखकों, अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी

खुर्जा, बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दस्तावेज़ लेखन कार्य के निजीकरण के फैसले के विरोध में दस्तावेज़ लेखक एसोसिएशन और दि बार एसोसिएशन, खुर्जा की संयुक्त हड़ताल शुक्रवार को नौवें दिन भी जारी रही। सब-रजिस्ट्री कार्यालय पर प्रदर्शनकारी लगातार धरना दे रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतने दिनों के आंदोलन के बावजूद शासन-प्रशासन या किसी राजनेता ने उनकी सुध नहीं ली है। उनका कहना है कि काम-काज पूरी तरह ठप होने के कारण उनके परिवारों के सामने अब आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

दस्तावेज़ लेखक एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज कुमार वशिष्ठ ने सरकारी कानून की निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम जनविरोधी है और इससे पूरे प्रदेश में लाखों लोग सीधे तौर पर बेरोजगार हो जाएंगे।

एसोसिएशन के सचिव भूपेंद्र शर्मा ने सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि इस हड़ताल के दौरान किसी भी दस्तावेज़ लेखक या अधिवक्ता के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि काम न होने की स्थिति में उनके पास परिवार के भरण-पोषण के लिए कोई अन्य विकल्प नहीं बचेगा।

धरने पर बैठे वक्ताओं ने बताया कि सरकार उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को नजरअंदाज कर रही है, जिससे उनका आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं और निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज़ लेखक, अधिवक्ता और उनके समर्थक मौजूद रहे।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *