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लखनऊ : पुलिस ने LU के छात्रों को घसीटा: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

लखनऊ में सोमवार को एलयू के समाजवादी छात्र सभा और NSUI के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के विरोध में किया। इस दौरान छात्रों ने परिवर्तन चौक से हजरतगंज तक मार्च निकालने की कोशिश की। लेकिन छात्रों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।

पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को घसीटते हुए हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस ने बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि देश में लगातार पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में सरकार से जवाबदेह और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई।

छात्रों ने उठाईं ये प्रमुख मांगें

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
  • राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर नई पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग।
  • नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने की मांग।
  • पेपर लीक और शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग।
  • सभी छात्रों के लिए सस्ती, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका आरोप है कि सरकार शिक्षा से जुड़े बुनियादी सवालों का समाधान करने के बजाय आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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