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मिर्जापुर : 50 साल के सरकारी टीचर ने की रेप की कोशिश

‘मेरी बच्ची सरकारी स्कूल में 7वीं में पढ़ती है। उसके साथ टीचर ने गंदा काम किया। टीवी चलाने के बहाने क्लास में बुलाया फिर गलत तरीके से छूने लगा। वो डरकर भागी, तो उसका मुंह दबा दिया। प्राइवेट पार्ट टच किया, धमकी देकर डराया। मेरी बच्ची को न्याय मिले और टीचर को कड़ी सजा मिले।’

यह कहना है मिर्जापुर की उस मां का, जिसकी 14 साल की बेटी से 50 साल के टीचर ने रेप की कोशिश की। बच्ची वालीबॉल की अच्छी प्लेयर भी है। घटना 8 अक्टूबर को स्कूल के क्लासरूम में हुई। मां की शिकायत पर 13 अक्टूबर को पुलिस ने पॉक्सो समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया।

घटना के बाद से टीचर मेडिकल लीव लगाकर स्कूल नहीं आ रहा। बच्ची इतना डर गई है कि कुछ भी बताते हुए रोने लगती है। 5 दिन से स्कूल नहीं गई है। कछवा थाना क्षेत्र के एक गांव में पीड़ित बच्ची का घर है। घर पर मां-पिता और एक छोटा भाई है। एक बड़ी बहन है, जो रिश्तेदार के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही है। पिता खेती-किसानी करके परिवार चलाते हैं। घर से 1 किमी दूरी पर उच्च प्राथमिक स्कूल है। यहां बच्ची 7वीं क्लास में पढ़ती है।

स्कूल में 175 बच्चे हैं, जिनमें 90 लड़के और 85 लड़कियां हैं। यहां महिला प्रिंसिपल निर्मला सिंह के अलावा 2 सरकारी टीचर और 3 शिक्षामित्र नियुक्त हैं। मनोज कुमार गौतम 2017 से यहां सहायक अध्यापक के रूप में तैनात है। इससे पहले वह चुनार में था। चुनार में भी उसके खिलाफ अनुदेशिका ने शिकायत की थी, जिसके बाद यहां ट्रांसफर किया गया था। बच्ची ने बताया- मैं क्लास- 6 तक वालीबॉल खेलती थी। 7वीं में खेल छूट गया। उसके बाद सर बाकी लड़कियों से और हमसे फालतू की बातें करते थे। 2-3 महीने से मुझसे गंदी-गंदी बातें बोल दिया करते थे। इधर-उधर टच किया

करते थे।

8 अक्टूबर को हमारे यहां कुकिंग कॉम्पटीशन था। सब लड़कियों ने खाना बनाया था। मैंने भी मंचूरियन बनाई थी। सब लड़कियां सर को खाना देने गईं, लेकिन हम नहीं गए थे। सर ने लड़कियों से कहकर हमें क्लास में बुलाया। कहने लगे कि तुम्हें टीवी चलाना आता है? मैंने मना कर दिया। बोले कि मैं सिखाता हूं और मुझे पीछे से गलत तरह से टच करने लगे। मैंने चिल्लाकर भागने की कोशिश की, तो मेरा मुंह दबा दिए। उसके बाद मेरे साथ गलत काम किया।

मां ने बताया- घर आकर बेटी रो रही थी। कुछ बता भी नहीं पा रही थी। हमने उसे बहुत समझाया, तब उसने डरते हुए सब कुछ बताया। हम लोग तुरंत स्कूल गए, तो मनोज वहां से निकल गया था। मैंने उसे फोन किया, तो बोला तुम लोगों पर SC/ST एक्ट लगा देंगे। उल्टा तुम लोगों को जेल भिजवा देंगे।

अगले दिन हम लोग पुलिस के पास गए। पुलिस भी हमें दौड़ाती रही। केस दर्ज तो हो गया, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। हम बस प्रशासन से इतनी ही मांग करते हैं कि कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। जो दोषी है, उसको सजा दी जाए। मेरी बच्ची को न्याय मिलना चाहिए।

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