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यूपी की जेलों में बदला नंबरदारों का सिस्टम, अब ‘बंदी वॉर्डर’ के रूप में करेंगे ड्यूटी

यूपी की सेंट्रल जेलों में सजायाफ्ता बंदियों का अब अलग भौकाल दिखाई दे रहा है। इन बंदियों में चुने जाने वाले नम्बरदारों का प्रमोशन कर दिया गया है। इनकी कार्यप्रणाली में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब यह कैदी ‘बंदी वॉर्डर’ के रूप में काम करेंगे। शासन ने सिपाहियों की तरह इन कैदियों का भी प्रमोशन कर उनकी सुविधाओं और व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

अब इनके अधिकारों को भी बढ़ा दिया गया है। महानिरीक्षक (जेल) पीसी मीना ने उत्तर प्रदेश में कुल 125 बंदियों को बंदी वॉर्डर के रूप में नियुक्त किया है। यह आदेश 16 फरवरी को जारी किया गया था, जिसके बाद 22 फरवरी को नैनी सेंट्रल जेल के 19 सजायाफ्ता बंदियों के लिए इसे लागू किया गया। पहले इन बंदियों को ‘बंदी ओवरसियर’ के पद पर रखा जाता था।

सजायाफ्ता बंदी कैसे बनते है नम्बरदार जेल में नंबरदार सजायाफ्ता बंदियों में से ही चुना गया एक भरोसेमंद बंदियों होता है। अपनी सजा में से एक चौथाई सजा काटने वाले बंदी को नंबरदार की जिम्मेदारी दी जाती है। जो जेल प्रशासन और बंदियों के बीच काम करता है। इसका मुख्य कार्य बैरकों की सुरक्षा, जेल खुलने और बंद होने पर बंदियों की गिनती कराना, अनुशासन बनाए रखना और जेल में अधिकारियों की मदद करना है।

बंदी वॉर्डर को मिली नई वर्दी नंबरदार को आमतौर पर एक अलग पहचान के लिए विशेष पीले रंग का कुर्ता और लाल टोपी दी जाती है। लेकिन अब नम्बरदारों में से नियुक्त किए गए बंदी वॉर्डर को लाल वर्दी और लाल टोपी, एक डंडा, टॉर्च और एक बेल्ट के साथ नेम प्लेट दिया गया है। उनकी नेम प्लेट पर “पक्का”लिखा हुआ है।

बंदी वॉर्डर की सुविधाएं बढ़ी जेल मैनुअल, 198 के तहत इन बंदी वॉर्डरों को कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी। पहले बंदियों को साधारण सुविधा मिलती थी। लेकिन प्रमोशन के बाद अब इनमें कैंटीन कूपन की राशि 600 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये किया गया है। उन्हें खाना बनाने की सुविधा, एक अतिरिक्त मुलाकात, सोने के लिए अतिरिक्त स्थान और एक अतिरिक्त पत्र व्यवहार की अनुमति भी दी गई है।

बंदी रक्षक के साथ करेंगे ड्यूटी सेंट्रल जेल नैनी में तैनात बंदी रक्षकों की ड्यूटी निर्धारित रहती है। उनके साथ जेल में नंबरदार भी सहयोग के लिए लगे रहते है। लेकिन अब इन नम्बरदारों के प्रमोशन किए जाने के बाद इनका पॉवर और रुतबा और बढ़ गया है। अब यह बंदी रक्षकों के साथ मिलकर ड्यूटी करेंगे।

इनकी भी ड्यूटी जेल अधीक्षक और जेलर के द्वारा लगाई जाएगी। जो विशेष व्यवस्था और खास होगी। इस ड्यूटी के लिए इनका भी समय निर्धारित होगा। यह पहले की तरह ड्यूटी नहीं करेंगे। इनका भी लेखा जोखा बंदी रक्षक की तरह ही किया जायेगा।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि महानिरीक्षक के आदेश पर यह लागू किया गया है। सजायाफ्ता बंदियों में 19 बंदियों की नियुक्ति बंदी वॉर्डर के लिए की गई है। जो अब अधिक सुविधा और पॉवर में होंगे।

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