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दरोगा महिला से बोला- तुम बहुत खूबसूरत हो, प्रेग्नेंट होने पर अबॉर्शन कराया, सस्पेंड 

बरेली में एक महिला ने दरोगा पर रेप और मारपीट करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि वह पति से झगड़े की शिकायत करने थाने गई थी। दरोगा ने पहले सहानुभूति दिखाई, फिर शादी करने और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।

दरोगा ने कहा- तुम बहुत खूबसूरत हो, तुम्हारे लिए अपनी पत्नी को छोड़ दूंगा। करीब एक साल तक शादी का झांसा देते हुए साथ रखा। इसके बाद मंगलवार शाम करीब 4 बजे महिला एसएसपी ऑफिस पहुंची। वहां दरोगा, उसकी पत्नी और बेटों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। SSP ने बताया कि शिकायत की जांच कराई जा रही है। फिलहाल दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है।

थाना बारादरी क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बताया- साल- 2022 से मेरा पति से झगड़ा चल रहा है। मैं अपने पति से अलग रह रही हूं। 2025 में मैं पति और ससुरालवालों की शिकायत लेकर बारादरी थाने गई थी। वहीं मेरी मुलाकात थाने में तैनात उपनिरीक्षक (दरोगा) नरेश बाबू से हुई।

दरोगा ने पहले मेरी परेशानी सुनी, फिर मदद का भरोसा दिलाया। उसने दावा किया कि पुलिस विभाग में उसकी अच्छी पकड़ है। कप्तान से सीधे संबंध होने की वजह से वह मेरी नौकरी लगवा सकता है। इसके साथ ही उसने अपनी पत्नी को तलाक देकर मुझसे शादी करने का भी वादा किया।

शादी का झांसा देकर बनाए संबंध: शादी का भरोसा दिलाने के बाद दरोगा नरेश बाबू मेरे संपर्क में रहने लगा। मेरे घर भी आने-जाने लगा। बाद में उसने कई बार मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाए। मैं दरोगा की बातों पर भरोसा करती रही, क्योंकि विश्वास था कि वह शादी करेगा। पिछले साल करवा चौथ के बाद से तो दरोगा नरेश बाबू मेरे घर पर ही साथ रहने लगा।

बेटे की शादी का बहाना बनाकर 8 लाख के जेवर लिए: फरवरी- 2026 में दरोगा नरेश बाबू ने अपने बेटे की शादी का हवाला देकर मुझसे करीब 8 लाख रुपए के सोने के जेवर ले लिए। बाद में जब मैंने जेवर वापस मांगे, तो वह टालमटोल करने लगा। विरोध करने पर मुझे धमकाने लगा।

जबरन अबॉर्शन कराया: इस बीच मैं प्रेग्नेंट हो गई। जब दरोगा को यह बात पता चली, तो उसने 12 मई को जबरन मुझे गर्भपात की दवा खिला दी। दवा खाने के बाद मेरी तबीयत बिगड़ गई। इसके चलते मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

पत्नी और बेटों के साथ घर पहुंचा, मारपीट की: 23 मई को दरोगा नरेश बाबू अपनी पत्नी और बेटों के साथ घर पहुंचा। मेरे साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की। इस पर मैंने डायल-112 पर सूचना दी। लेकिन, पुलिस के पहुंचने से पहले वो लोग मुझे जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।

दरोगा के परिवार ने किया अभद्र व्यवहार: 4/5 जुलाई की रात दरोगा सड़क हादसे में घायल हो गया। यह पता चलने पर मैंने उसे अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज का खर्च भी उठाया। अगले दिन उसके परिवारवालों ने अस्पताल में मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया। साथ ही दरोगा ने भी मुझसे संबंध खत्म कर लिए।

पुलिस का रौब दिखाया: दरोगा ने पुलिस विभाग में अपनी पकड़ और प्रभाव का हवाला देकर मुझे डराया-धमकाया। कहने लगा कि मैं खुद पुलिसवाला हूं। मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसी वजह से मैं काफी समय तक शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।

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