सुवेंद्रु के PA हत्याकांड में बलिया का राज सिंह गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में यूपी से संदिग्ध शूटर को गिरफ्तार किया गया है। वह बलिया का रहने वाला है। उसे अयोध्या से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, बिहार के बक्सर से दो संदिग्ध शूटर्स मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को भी बंगाल पुलिस ने पकड़ा है।
गिरफ्तारी के बाद राज सिंह के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वह सभासद का चुनाव लड़ चुका है। राज का एक पोस्टर सामने आया है। इसमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है। उसके फेसबुक अकाउंट में मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ की तस्वीरें भी हैं। इसके अलावा, पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के साथ उसकी रील भी है।
बलिया जिला कोर्ट पहुंचीं राज की मां जामवंती ने कहा- बेटे को फंसाया जा रहा। हमारी बंगाल में कोई रिश्तेदारी नहीं है, न ही हम कभी बंगाल गए। मैं सरकार से मांग करती हूं कि बेटे के साथ न्याय हो। मामले की CBI से जांच कराई जाए।
बंगाल चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद 6 मई को 42 साल के चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई। हमलावर ने रथ की कार रुकवाकर कई राउंड फायरिंग की थी। रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं।
कोतवाली के आनंद नगर का रहने वाला है। सोमवार सुबह राज के घर पहुंचा तो ताला लटका हुआ था। पड़ोसियों ने बताया कि रविवार देर रात गाड़ियों से कुछ लोग आए थे। इन लोगों ने मोहल्ले के कुछ लोगों से पूछताछ की।
राज की मां मां जामवंती सिंह पहले ही घर पर ताला लगाकर कहीं चली गई थीं। राज के बारे में पड़ोसियों ने बताया- उसके पिता गिरिजा नाथ सिंह की मौत हो चुकी है। तीन साल पहले अंडा दुकानदार को गोली मारने के मामले में उसका नाम सामने आया था।
दोपहर राज की मां बलिया जिला कोर्ट पहुंचीं। यहां उन्होंने रोते हुए कहा- 7 अप्रैल को मैं अपने बेटे के साथ एमएलसी साहब की शादी में लखनऊ गई थी। मेरे साथ बेटा राज, ड्राइवर ओम प्रकाश सिंह, बेटे का दोस्त मोनू सिंह और एक अन्य व्यक्ति था। मैं शादी स्थल के पास ही एक गेस्ट हाउस में रुक गई। बाकी लोग शादी में चले गए।
रात 12 बजे के बाद सभी शादी से लौट आए। फिर हम लोग सो गए। अगले दिन सुबह, यानी 8 अप्रैल को, हम अंबेडकर नगर के किछौछा शरीफ चले गए। वहां बाबा मखदूम अशरफ के दर्शन किए। इसके बाद अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। इसके बाद बच्चों को भूख लगी थी। मैंने बच्चों को एक ढाबे पर खाना खिलाया।

