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Ghaziabad: एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक को उम्रकैद हुई थी, 26 साल से फरार था

गाजियाबाद के जिस एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक का गला रेता गया था, उसके बारे में चौंकाने वाली बात सामने आई है। वह दिल्ली के कारोबारी के 13 साल के बेटे का हत्यारा निकला। दिल्ली पुलिस ने उसे शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। वह 26 साल से फरार था।

गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम शनिवार सुबह सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान के घर पहुंची। पूछताछ के बाद उसे अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस के अफसरों के मुताबिक, 20 जनवरी 1995 को सलीम ने कारोबारी के 13 साल के बेटे संदीप बंसल का अपहरण किया था। परिवार से रंगदारी न मिलने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी।

अफसरों के मुताबिक, वारदात के बाद पुलिस ने सलीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साल 1997 में सलीम को उम्रकैद की सजा हुई। हालांकि, साल 2000 में वह पैरोल पर बाहर आया था। उसके बाद वह फरार हो गया। बीते 26 सालों से वह शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में नाम बदलकर रह रहा था।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सलीम खान उर्फ सलीम वास्तिक दिल्ली के एक स्कूल में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता था। इसी स्कूल में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कारोबारी का 13 साल का बेटा संदीप भी पढ़ता था। सलीम ने अपने साथी अनिल के साथ स्कूल जाते समय संदीप का अपहरण किया था।

दोनों ने PCO से कॉल कर 30 हजार रुपए की फिरौती मांगी। मांग पूरी न होने पर कारोबारी पिता को बच्चे की हत्या की धमकी दी। बाद में फिरौती की रकम न मिलने पर दोनों ने बच्चे की हत्या कर दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सलीम और अनिल की निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया। सलीम पर मुकदमा चला।

1997 में कोर्ट ने सलीम और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद सलीम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उम्रकैद की सजा रद्द करने की मांग की। हालांकि, 2011 में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा।

  • 27 फरवरी को दिनदहाड़े इस्लाम धर्म छोड़ चुके सलीम वास्तिक के ऑफिस में घुसकर उस पर जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए नकाबपोश हमलावरों ने सलीम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे और गला रेतने की कोशिश की थी। चीखने पर हमलावर उसे अधमरा छोड़कर फरार हो गए थे।
  • शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और परिवार को सूचना दी। परिजन सलीम को अस्पताल ले गए, जहां से उसे गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया था। उसके शरीर पर 14 बार चाकू मारे गए थे। वह करीब एक महीने तक दिल्ली के अस्पताल में भर्ती रहा और उसके दो ऑपरेशन हुए।
  • पुलिस ने हमला करने वाले दो सगे भाइयों गुलफाम और जीशान को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। पुलिस का दावा है कि सलीम वास्तिक इस्लाम धर्म पर वीडियो बनाता था और अपने ज्यादातर वीडियो में धर्म की कमियां बताता था। इसी वजह से जीशान और गुलफाम ने उस पर हमला किया था।

गाजियाबाद के सलीम वास्तिक का मूल घर शामली जिले में है। 20 साल पहले वह शामली से निकलकर गाजियाबाद के लोनी इलाके की अशोक विहार कॉलोनी में बस गया। परिवार में उसके अलावा पत्नी और एक बेटा उस्मान खान है।

सलीम पहले कंस्ट्रक्शन का काम करता था। कुछ समय तक उसने मौलवी का काम भी किया। बाद में उसका इस्लाम धर्म से मोहभंग हो गया। सात साल पहले उसने इस्लाम धर्म छोड़ दिया और अपने नाम के साथ ‘वास्तिक’ जोड़ लिया।

सलीम ने अपने घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अली गार्डेन कॉलोनी में जमीन ली और वहीं मकान बनवाया। इसमें उसने अपना ऑफिस खोला और यहीं से काम करने लगा। सलीम का अलग-अलग टीवी चैनलों से एग्रीमेंट था, जहां वह धार्मिक डिबेट में जाता रहता था।

वह वहां एक्स-मुस्लिम की हैसियत से डिबेट करता था और इस्लाम से जुड़ी बातें रखता था। बाद में उसने अपना यूट्यूब चैनल ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से बनाया और इस्लाम व मदरसों की शिक्षा पर सवाल उठाने लगा।

हलाला, हदीस और तीन तलाक पर वह अक्सर बात करता था। इन विषयों पर चर्चा करते हुए वह कुरान की आयतों को कोट करता था। उसके इन वीडियो पर मुस्लिम वर्ग के कई लोग गालियां लिखते और धमकियां देते थे।

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