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 दिल्‍ली में पेट्रोल बाइक-स्‍कूटी बैन, कितने लोगों को बदलना पड़ेगा वाहन

 दिल्‍ली. दिल्‍ली में प्रदूषण पर सख्‍ती करने और ई-वाहन को बढ़ावा देने के लिए साल 2028 से पेट्रोल दोपहिया वाहनों को चलन से बाहर करने की नीति तैयार हो गई है. राजधानी में लागू होने वाली इस पॉलिसी से दोपहिया बाइक और स्‍कूटी चलाने वालों को गहरा झटका लगा है. वैसे तो यह आदेश काफी प्रभाव डालने वाला लग रहा, लेकिन जब आप राजधानी में कुल दोपहिया वाहनों में पेट्रोल वर्जन की हिस्‍सेदारी को देखते हैं तो आंकड़े काफी राहत देने वाले दिखते हैं.

दरअसल, देश के अन्‍य बड़े शहरों के मुकाबले राजधानी दिल्‍ली में दोपहिया वाहनों का इस्‍तेमाल कम होता है. वित्‍तवर्ष 2026 के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि दिल्‍ली में कुल 5,68,430 दोपहिया वाहनों का पंजीकरण कराया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी ज्‍यादा है, लेकिन पूरे देश के लिहाज से देखें तो यह महज 2.56 फीसदी हिस्‍सा दिख रहा है. देश में 2.2 करोड़ दोपहिया वाहनों का पंजीकरण पिछले वित्‍तवर्ष में कराया गया है.

क्‍या है दिल्‍ली सरकार की नई पॉलिसी
दिल्‍ली सरकार ने 29 जून को अपनी ईवी पॉलिसी 2026 का मसौदा पेश कर दिया है, जिसके तहत अप्रैल, 2028 के बाद नए पेट्रोल दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद कर दिया जाएगा. सरकार ने साफ कहा है कि प्रदूषण को देखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है. अब दिल्‍ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को खरीदने की अनुमति होगी. इसके लिए सरकार ने वित्‍तवर्ष 2030 तक 15 हजार करोड़ रुपये का इंसेंटिव देने का भी ऐलान किया है. यह इंसेंटिव नया वाहन खरीदने, स्‍क्रैप करान अथवा चार्जिंग इन्‍फ्रा तैयार करने व टैक्‍स छूट के रूप में दिया जा सकता है. दिल्‍ली पहले से ही भारत के लिए ईवी फ्रेंडली बाजार रहा है, जहां इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कुल दोपहिया वाहनों में हिस्‍सेदारी 7.25 फीसदी के आसपास है. वित्‍तवर्ष 2026 में राजधानी में करीब 41,243 ई-दोपहिया वाहनों का पंजीकरण हुआ है. यह राष्‍ट्रीय औसत से कहीं ज्‍यादा है, जो 6.5 फीसदी के आसपास रहा है. राष्‍ट्रीय औसत भी इससे पहले के वित्‍तवर्ष के 6 फीसदी के मुकाबले बढ़ा है. फिलहाल सरकार की बैन नीति के बाद दिल्‍ली में ई दोपहिया वाहनों की संख्‍या 12 से 14 गुना तक बढ़ने का अनुमान है. दिल्‍ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी के तहत दोपहिया वाहन खरीदने वालों को बाकायदा हजारों रुपये की छूट दी जाएगी. पहले साल तो ई दोपहिया वाहन खरीदने पर 30 हजार रुपये तक की छूट दी जा सकती है. इसके अलावा अपना पुराना वाहन स्‍क्रैप में डालते हैं तो 10 हजार रुपये की छूट और दी जा सकती है. आप पेट्रोल वाहन को स्‍क्रैप में डाल दें और ई वाहन खरीदने पर छूट ले सकते हैं. हालांकि, ई वाहन बनाने वाली कंपनियां इस नई पॉलिसी से काफी खुश हैं. उनका कहना है कि डिमांड बढ़ने से उत्‍पादन को भी बढ़ावा मिलेगा.

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