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कानपुर में छात्रा बोलीं- टीचर इंग्लिश में गालियां देती हैं

कानपुर में 12वीं की एक छात्रा ने अपनी इंग्लिश टीचर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि पिछले 1 साल से केंद्रीय विद्यालय की टीचर लगातार उसे निशाना बना रही थीं। कभी पूरी क्लास के सामने डांटती थीं, तो कभी करेक्टर को लेकर अपमानजनक बातें कहती थीं। इंग्लिश में गालियां देती थी। इतना ही नहीं कहती थी कि तेरी जैसी मेरे यहां झाड़ू लगाती हैं।

रोज-रोज सबके सामने बेइज्जत किए जाने से छात्रा मानसिक रूप से टूट गई और डिप्रेशन में चली गई। हालत ऐसी हो गई कि उसने स्कूल जाना भी कम कर दिया। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने गुरुवार रात करीब 10:30 बजे एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हालांकि, छात्रा और उसके परिजन एफआईआर में लगाई गई धाराओं से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि शिकायत में जिन गंभीर आरोपों का जिक्र किया गया था, उनके मुताबिक धाराएं नहीं लगाई गई हैं। मामला कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र का है।

नौबस्ता थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा ने बताया-मैं क्लास-1 से केंद्रीय विद्यालय में पढ़ रही हूं। इस बार 12वीं में हूं। 11वीं से टीचर सुभाना भामर हमें इंग्लिश पढ़ा रही हैं। इसी दौरान उन्होंने मेरे चरित्र पर टिप्पणी करनी शुरू कर दी। वह स्टाफ रूम में भी मेरे चरित्र को लेकर गलत बातें करती थीं।

इतना ही नहीं, पूरी क्लास के सामने मेरी जाति को लेकर भी अपमानित करती थीं। मैंने एक बार विरोध किया तो फेल करने की धमकी दी। वह कहती थीं, ‘तेरे जैसी मेरे यहां झाड़ू लगाती थी, तू भी एक दिन मेरे यहां झाड़ू लगाएगी।’

छात्रा का कहना है कि टीचर हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में उसे ही नहीं बल्कि दूसरे छात्रों को भी गालियां देती थीं। इससे वह काफी परेशान रहने लगी थी। फेल होने के डर से वह रोज स्कूल जाती रही। जुलाई में स्कूल खुलने के बाद भी टीचर का व्यवहार नहीं बदला। इसके बाद उसने 18 जुलाई से स्कूल जाना बंद कर दिया। छात्रा ने बताया- 18 जुलाई से मैं लगातार चकेरी थाने के चक्कर लगा रही थी। कई दिन बाद 23 जुलाई की रात मेरी एफआईआर दर्ज हुई। लेकिन उसमें जो धाराएं लगाई गई हैं, उनसे न मैं संतुष्ट हूं और न ही मेरा परिवार। जिन बातों की शिकायत मैंने की थी, उनके हिसाब से धाराएं नहीं लगाई गई हैं।

छात्रा का कहना है कि उसने इन्हीं आरोपों को लेकर शिकायत की थी, लेकिन कई दिनों तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। अब एफआईआर हुई भी है तो उसमें सभी जरूरी धाराएं नहीं लगाई गई हैं। इसलिए परिवार की मांग है कि जातिसूचक टिप्पणी, चरित्र हनन और अन्य आरोपों के आधार पर उचित धाराएं बढ़ाई जाएं और टीचर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पीड़िता के चाचा ने बताया- मेरी 17 साल की भतीजी को टीचर लगातार अपमानित करती थीं। वह जातिसूचक टिप्पणियां करती थीं, मानसिक दबाव बनाती थीं और विरोध करने पर कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी देती थीं। लगातार प्रताड़ना के कारण उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई और उसने स्कूल जाने से भी कतराना शुरू कर दिया। आरोपी टीचर सुभावना भामा के पति मनीष कुमार ने कहा- 18 जुलाई को स्कूल में कल्चरल एक्टिविटी का इंटरव्यू चल रहा था। वहां 11 टीचर इंटरव्यू ले रहे थे। इसी दौरान मेरी पत्नी ने छात्रा से कुछ सवाल पूछे, लेकिन वह उनका जवाब नहीं दे पाई और इंटरव्यू में फेल हो गई। इसके बाद से वह मेरी पत्नी पर झूठे आरोप लगा रही है।

शिकायत होने पर मैं अपनी पत्नी के साथ चकेरी थाने गया था और पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा था। छात्रा और उसके परिजनों से माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद मेरी पत्नी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। हमारी पत्नी पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और गलत हैं।

चकेरी थाना प्रभारी ने बताया-

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छात्रा की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।

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